Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

विदेशों में हैं अश्लील साइट्स के सर्वर, केंद्र ने खड़े किए हाथ

इस समय बाजार में 20 करोड़ से अधिक अश्लील वीडियो की क्लीपिंग नि:शुल्क उपलब्ध हैं

विदेशों में हैं अश्लील साइट्स के सर्वर, केंद्र ने खड़े किए हाथ
X
नई दिल्ली. इंटरनेट पर अश्लील सामग्री मुहैया कराने वाली इंटरनेट साइट की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुये शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र सरकार से कहा कि इस समस्या का समाधान खोजे । इससे पहले सरकार ने इस स्थिति पर असहाय होने जैसी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यदि हम एक साइट अवरूद्ध करते हैं तो दूसरी आ जाती है।
प्रधान न्यायाधीश आर एम लोढा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि मानव मस्तिष्क बहुत उर्वरक है और प्रौद्योगिकी कानून से भी तेज दौड़ती है। कानून को प्रौद्योगिकी के साथ गति मिलाकर चलना होगा। इससे पहले, अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एल नागेश्वर राव ने कहा कि जब एक साइट अवरूद्ध की जाती है तो उसी तरह की कई साइट सामने आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि इन साइट को नियंत्रित करने के लिये विदेशों से संचालित सर्वरों को भारत लाने के लिये कदम उठाये जा रहे हैं। इस पर न्यायालय ने कहा कि इस समस्या का कुछ न कुछ समाधान तो खोजना ही होगा।
न्यायालय इन्दौर स्थित कमलेश वासवानी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में कहा गया है कि हालांकि अश्लील वीडियो देखना अपराध नहीं है लेकिन अश्लील वेबसाइट्स पर प्रतिबंध लगना चाहिए क्योंकि महिलाओं के प्रति अपराध का यह एक बड़ा कारण हैं। वकील विजय पंजवानी के जरिये दायर इस याचिका में कहा गया है कि इंटरनेट कानून के अभाव में लोग अश्लील वीडियो देखने के लिये प्रेरित होते हैं और इस समय बाजार में 20 करोड़ से अधिक अश्लील वीडियो की क्लीपिंग नि:शुल्क उपलब्ध हैं।
न्यायालय ने केन्द्र सरकार को निर्देश दिया कि याचिका का विवरण सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 88 के तहत गठित सलाहकार समिति के समक्ष भी पेश किया जाये ताकि वह इस समस्या पर नियंत्रण के लिये कुछ सुझाव दे सके। न्यायालय ने पिछले साल 18 नवंबर को दूरसंचार विभाग को भी नोटिस जारी कर इस तरह की वेबसाइट को अवरूद्ध करने के उपायों के बारे में जवाब मांगा था।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, शोधकर्ताओं ने पाया कि इंटरनेट अश्लील सामग्री का सबसे बड़ा स्त्रोत है -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story