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सुप्रीम कोर्ट ने इन पटाखों की बिक्री पर लगाया प्रतिबंध, बनाया शेड्यूल

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ ऐसे पटाखों की बिक्री को मंजूरी दी है जिनसे कम प्रदूषण होता है। इससे पटाखा विक्रेताओं को राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट ने इन पटाखों की बिक्री पर लगाया प्रतिबंध, बनाया शेड्यूल
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ ऐसे पटाखों की बिक्री को मंजूरी दी है जिनसे कम प्रदूषण होता है। इससे पटाखा विक्रेताओं को राहत मिली है।
कोर्ट ने कहा कि केवल लाइसेंस वाले लोग ही पटाखा बेंच सकते हैं। साथ ही कोर्ट ने रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखा जलाने की अनुमति दी है। वहीं नये साल के मौके पर रात 11:45 से 12:30 तक पटाखे छोड़ने की इजाजत होगी।

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कोर्ट ने इसके साथ ही एक और बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने ई-कॉमर्स वेबसाइट से पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। अदालत ने इस मामले में 28 अगस्त को फैसला सुरक्षित कर लिया था।
बता दें कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखों की बिक्री पर बैन लगाने संबंधी कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं। कोर्ट ने इस तथ्य पर गौर किया कि दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदूषण के असामान्य रूप से उच्च स्तर तक पहुंच जाने की वजह से शहर में तकरीबन 20-25 फीसदी बच्चे श्वास से संबंधित समस्याओं से पीड़ित रहते हैं।

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पीठ ने इस मुद्दे पर याचिकाकर्ता, पटाखा निर्माता केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दलीलें सुनने के बाद कहा कि पटाखों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और इसके व्यापार के बीच एक सामंजस्य बना कर रखना होगा।
कोर्ट ने कहा कि पटाखा निर्माताओं को अपने जीवकोपार्जन का मूल अधिकार प्राप्त है वहीं 130 करोड़ लोगों को अच्छे स्वास्थ्य का मूल अधिकार भी प्राप्त है। पटाखा निर्माताओं ने बताया था कि दीपावली के दौरान पटाखे ही केवल वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
इसलिए पटाखे उद्योग को बंद करना न्यायसंगत नहीं होगा। पीठ ने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव को देखते हुए कोर्ट ने आंशिक प्रतिबंध लगाया है।

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