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देश के इतिहास में पहली बार मीडिया के सामने आए SC के 4 जज, थोड़ी देर में CJI भी करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि यह देश के इतिहास में असाधारण मौका है।

देश के इतिहास में पहली बार मीडिया के सामने आए SC के 4 जज, थोड़ी देर में CJI भी करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने मीडिया को संबोधित किया। चीफ जस्टिस के बाद दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस चेलमेश्वर के घर पर ये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि कभी-कभी होता है कि देश के सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है।

सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है जिससे देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते की देश की न्यायपालिका की निष्ठा पर सवाल उठे और हमपर 20 साल बाद कोई आरोप लगे।

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उन्होंने कहा कि हमने अनियमितताओं पर चीफ जस्टिस से बाक की लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि चार महीने पहले हमने चीफ जस्टिस को खत लिखा था। इस खत में हमने प्रशासन के बारे में कुछ मुद्दे उठाए थे। बता दें कि ये खत 7 पेजों का है जिसमें अनियमितताओं को लिखा गया है।

चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम बस देश का कर्ज अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने चीफ जस्टिस से कहा कि कई चीजों में बदलाव करना जरूरी है, इस बारे में चिठ्ठी लिखी। हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि हमने कुछ जजों को लेकर भी शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने नहीं सुनी।

गौरतलब है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को तलब किया।

यै है वो खत जो 4 जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को लिखा था।

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