Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सहारा आंबी वैली बेचकर 15 मई तक जमा करएगी 750 करोड़!

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सहारा समूह को महाराष्ट्र के आंबी वैली शहर परियोजना में अपनी संपत्ति के किसी भी हिस्से का चयन कर उसे 15 मई तक बेचने और इससे प्राप्त रकम सेबी-सहारा खाते में जमा करने की अनुमति प्रदान कर दी।

सहारा आंबी वैली बेचकर 15 मई तक जमा करएगी 750 करोड़!
X

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सहारा समूह को महाराष्ट्र के आंबी वैली शहर परियोजना में अपनी संपत्ति के किसी भी हिस्से का चयन कर उसे 15 मई तक बेचने और इससे प्राप्त रकम सेबी-सहारा खाते में जमा करने की अनुमति प्रदान कर दी। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एके सिकरी की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने सुब्रत राय और सहारा समूह का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह की इस दलील पर विचार किया कि उन्हें खुद (सहारा समूह को) संपत्ति बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि नीलामी से वांछित दाम नहीं मिल सकेगा।

नही बेचा संपत्ति को नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी

पीठ ने शुरुआत में कहा कि समूह आंबी वैली के किसी भी हिस्से को बेचकर 15 मई तक 750 करोड़ रुपए जमा करे। हालांकि, बाद में पीठ ने कहा कि वह अपने आदेश में राशि का जिक्र नहीं करेगी। उसने कहा कि यदि सहारा समूह 15 मई तक संपत्ति बेचने में असफल रहता है तो बंबई उच्च न्यायालय का आधिकारिक परिसमापक संपति की बिक्री के लिए प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।

अदालत ने विशेषतौर पर सहारा समूह से कहा कि उनके पास संपत्ति बेचने के लिए 15 मई तक का समय है अन्यथा इसकी नीलामी की जाएगी। पीठ ने कहा कि समूह को कुछ और राशि जमा कराकर अपनी प्रमाणिकता स्थापित करनी चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 16 मई का दिन तय कर दिया।

सहारा समूह

मामले की सुनवाई में सिंह ने कहा कि सहारा समूह पहले ही 17,000 करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा करा चुका है। ऐसे में उनकी बात सुनी जानी चाहिए क्योंकि कुछ मुद्दे हैं जिनपर गौर करने की जरूरत है। पीठ ने समूह से कहा कि वह बंबई उच्च न्यायालय के कंपनी न्यायधीश को संपत्ति की बिक्री के बारे में जानकारी देते रहें और बिक्री से प्राप्त राशि को सेबी-सहारा रिफंड खाते में जमा करा दें।

सहारा समूह संपत्तियों की मरम्मत

अदालत ने उच्च न्यायालय के आधिकारिक परिसमापक और आंबी वैली परिसंपत्तियों की देखरेख के लिए नियुक्त रिसीवर द्वारा दायर रिपोर्ट पर गौर किया और कहा कि सहारा समूह इन संपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव शुरू करेगा। पीठ ने अदालत के रिसीवर से कहा कि वह इन संपत्तियों में रहने वाले निवासियों से रखरखाव के लिए धन जुटाये और यदि समूह रखरखाव का कार्य शुरू करता है तो इसे समूह को सौंप दे।

आंबी वैली संपत्ति की बिक्री

उधर, आधिकारिक परिसमापक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने आंबी वैली संपत्ति की बिक्री के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 21 से 31 मई तक निविदा मंगायी जाएगी और नीलामी दो जून से शुरू होगी। शीर्ष अदालत ने पिछले साल 23 नवंबर को बंबई उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों को इन संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया अपनाने की छूट प्रदान करते हुए परिसमापक को निर्देश दिया था कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार के व्यावधान की इजाजत नहीं दी जाए।

सहारा इंडिया रियल एस्टेट कार्पोरेशन

इससे पहले, न्यायालय ने नीलामी प्रक्रिया में सहारा समूह की कथित अड़ंगेबाजी पर कड़ी आपत्ति करते हुए चेतावनी दी थी कि इस तरह के कृत्य में लिप्त व्यक्ति को जेल भेजा जाएगा। न्यायालय ने सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कार्पोरेशन और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेन्ट कार्प लि. को 31 अगस्त, 2012 को अपने निवेशकों को 24 हजार करोड़ रूपए लौटाने का आदेश दिया था।

इस आदेश का पालन करने में विफल रहने की वजह से सुब्रत राय और दो अन्य निदेशकों रवि शंकर दुबे और अशोक राय चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। राय ने करीब दो साल तिहाड़ में गुजारे और इस समय वह पेरोल पर हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story