Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

''तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा'' समेत सुभाष चंद्र बोस के ये 10 विचार आप में जोश भर देंगे

नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose Birth Day) का नाम भारत की आजादी में बहुत ही महत्वपूर्ण है। जितना महत्वपूर्ण उनका नाम है उतना ही महत्वपूर्ण उनका योगदान रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस महात्मा गांधी के अहिंसावादी विचारों से ज्यादा सहमत नहीं थे। 4 जुलाई 1944 को उन्होंने बर्मा में अपना प्रसिद्ध नारा ''तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा'' दिया। लेकिन सुभाष चंद्र बोस का यही नारा मशहूर नहीं है। उनकी कई और विचार हैं जो मशहूर हुए। आज हम आपको बता रहे हैं सुभाष चंद्र बोस के 10 प्रसिद्ध विचारों के बारे में।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose Birth Day) का नाम भारत की आजादी में बहुत ही महत्वपूर्ण है। जितना महत्वपूर्ण उनका नाम है उतना ही महत्वपूर्ण उनका योगदान रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस महात्मा गांधी के अहिंसावादी विचारों से ज्यादा सहमत नहीं थे। सुभाष चंद्र बोस 'नेताजी' (Subhash Chandra Bose) के नाम से मशहूर थे। नेता के नाम जैसा ही उनका काम था। वो नेता थे। अपने स्वभाव के कारण ही उन्होंने अपने दम पर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के लिए एक पूरी सेना बना दी। 21 अक्टूबर 1943 में उन्होंने 'आजाद हिंद सरकार' की स्थापना की और आजाद हिंद फौज का गठन किया। 4 जुलाई 1944 को उन्होंने बर्मा में अपना प्रसिद्ध नारा 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा' दिया। लेकिन सुभाष चंद्र बोस का यही नारा मशहूर नहीं है। उनकी कई और विचार हैं जो मशहूर हुए। आज हम आपको बता रहे हैं सुभाष चंद्र बोस के 10 प्रसिद्ध विचारों के बारे में।

  • तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आज़ादी दूंगा
  • याद रखिए दुनिया में सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।
  • ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं। हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आज़ादी मिले, हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए।
  • एक सैनिक के रूप में आपको हमेशा तीन आदर्शों को संजोना और उन पर जीना होगा। पहला सच्चाई, कर्तव्य और बलिदान। जो सिपाही हमेशा अपने देश के प्रति वफादार रहता है, जो हमेशा अपना जीवन बलिदान करने को तैयार रहता है, वो अजेय है। अगर तुम भी अजेय बनना चाहते हो तो इन तीन आदर्शों को अपने ह्रदय में भर लो।
  • सफलता, हमेशा असफलता के स्‍तंभ पर खड़ी होती है।

कैसे अपने से 14 साल छोटी इस लड़की के प्यार में पड़ गए 'नेताजी'

  • मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती।
  • जिस व्यक्ति के अंदर 'सनक' नहीं होती वो कभी महान नहीं बन सकता। लेकिन उसके अंदर, इसके आलावा भी कुछ और होना चाहिए।
  • जो अपनी ताकत पर भरोसा करते हैं, वो आगे बढ़ते हैं और उधार की ताकत वाले घायल हो जाते हैं।
  • हमारा सफर कितना ही भयानक, कष्टदायी और बदतर हो, लेकिन हमें आगे बढ़ते रहना ही है। सफलता का दिन दूर हो सकता है, लेकिन उसका आना निश्चित ही है।
  • मां का प्यार सबसे गहरा होता है- स्वार्थरहित। इसको किसी भी तरह से मापा नहीं जा सकता।

सुभाष चंद्र बोस के बारे में कितना जानते हैं आप

Share it
Top