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Strike Action: कर्नाटक, मुंबई, कोलकाता, उड़ीसा समेत इन राज्यों में दिखा भारत बंद का असर

बैंक कर्मचारी यूनियन, श्रमिक संगठनों, नॉर्थ ईस्ट में सिटिजनशिप बिल के विरोध में तमाम संगठनों ने 8 और 9 जनवरी को भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है। इसके चलते लोगों को बैंकिंग से जुड़े कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। श्रमिक संगठनों का कहना है कि सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के चलते वह हड़ताल पर हैं।

Strike Action: कर्नाटक, मुंबई, कोलकाता, उड़ीसा समेत इन राज्यों में दिखा भारत बंद का असर
बैंक कर्मचारी यूनियन, श्रमिक संगठनों, नॉर्थ ईस्ट में सिटिजनशिप बिल के विरोध में तमाम संगठनों ने 8 और 9 जनवरी को भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है। इसके चलते लोगों को बैंकिंग से जुड़े कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। श्रमिक संगठनों का कहना है कि सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के चलते वह हड़ताल पर हैं।
भारत बंद का असर दिखना शुरू हो गया है। अलग-अलग संगठनों की अलग-अलग मांग है। कई संगठन राफेल का विरोध कर रहे हैं, तो कई ट्रासपोर्ट बिल के संशोधन का।कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मुंबई, उड़ीसा, गुजरात में भी इस बंद का असर देखने को मिला। बैंगलुरू में इस हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है।
बैंगलुरू में 'भारत बंद' के साथ ही 'बैंगलुरू बंद' (bangalore bandh) भी किया गया है। बैंगलुरू में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन हड़ताल पर है। ट्रांसपोर्ट की इस हड़ताल से बैंगलुरू का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस समेत देश के दस बड़े ट्रेड यूनियन ने भारत बंद का आह्वान किया है। स्टेट ट्रांसपोर्ट के कर्मचारियों ने भी बंद में अपना समर्थन दिया है।
लेकिन अभी इस पर संशय बना हुआ है। सबसे ज्यादा समस्या उन लोगों को हो सकती है। जिन्होंने 8 और 9 जनवरी के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कर रखा है। सूत्रों का कहना है कि बड़े अधिकारियों ने बंद का समर्थन नहीं किया है। लेकिन ड्राइवर और कंडक्टर इस बंद का समर्थन कर रहे हैं।
हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों ने इस बंद का समर्थन किया है। ट्रेड यूनियन के लीडर आनंद कुमार ने कहा कि हम रोड सेफ्टी संशोधन बिल और लेबर एक्ट का विरोध कर रहे हैं। कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट के चार अलग-अलग संगठनों के करीब 1.25 लाख कर्मचारी शामिल हैं।
26500 बसों की रफ्तार थम गई है। आज के दिन सिर्फ टैक्सी मिल सकती है। टैक्सी यूनियन का कहना है कि वह भारत बंद (Bharat Bandh) और बैंगलोर बंद (Bangalore Bandh) का समर्थन करते हैं लेकिन वह हड़ताल नहीं कर सकते। प्रमुख रूप से हड़ताल रोड ट्रांसपोर्ट बिल (संशोधन) 2017 और लेबर एक्ट के विरोध में किया जा रहा है।
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