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असम में धूमधाम से मनाया जा रहा है ''माघ बिहू'' का त्यौहार

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में माघ बिहू (Magh Bihu) का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। माघ बिहू (Magh Bihu) त्यौहार असम का का एक विशेष त्यौहार है। इसे असाम की प्रचलित भाषा में भोगली बिहू (Bhogali Bihu) त्यौहार भी कहा जाता है।

असम में धूमधाम से मनाया जा रहा है

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में माघ बिहू (Magh Bihu) का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। माघ बिहू (Magh Bihu) त्यौहार असम का का एक विशेष त्यौहार है। इसे असाम की प्रचलित भाषा में भोगली बिहू (Bhogali Bihu) त्यौहार भी कहा जाता है। माघ बिहू (Magh Bihu) का त्यौहार असम में फसलों की कटाई खत्म होने के बाद खुशी मनाने के लिए मनाया जाता है। माघ बिहू (Magh Bihu) का उत्सव मकर संक्रांति से शुरू होता है और पूरे सप्ताह तक चलता है। माघ बिहू (Magh Bihu) का पर्व मनानाने के लिए देशभर के लोग असम आते हैं।

ऐसे मनाया जाता है माघ बिहू (Magh Bihu)

असम में माघ बिहू (Magh Bihu) का त्यौहार मनान्ने के लिए लोग एक अस्थायी ढांचा खड़ा करते हैं, जिसे मेजी कहा जाता है। इस ढांचे को सूखे बांस और पेड़ों के सूखे पत्तों से बनाया जाता है।

माघ बिहू (Magh Bihu) को मनाने के लिए असम के लोग खुले आकाशा के नीचे एक अस्थायी आवास बनाते हैं जिसे भेलाघर कहते हैं। असम के लोग रातभर इस भेलाघर के नीचे नाचते गाते हैं और खाने पीने का का कार्यक्रम करते है।

मेजी को ऐसे जलाया जाता है

असम में माघ बिहू (Magh Bihu) का त्यौहार पूरे देश में मनाये जाने वाले मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के त्यौहार की तरह ही मनाया जाता है। इसमें पूरे गांव के लोग सुबह स्नान के 'मेजी' को आग लगते हैं। 'मेजी' के पूरी तरह जल जाने ने यहां अन्य पारंपरिक रीति रिवाजों का आयोजन किया जाता है।

ये पकवान होते हैं आकर्षण का केंद्र

असम के लोग माघ बिहू (Magh Bihu) के त्यौहार के आखिरी दिन रात के समय खाने पीने का कार्यक्रम करते हैं। इसके बाद लोग आग के चारों तरफ नाच गाकर इस त्यौहार का आनंद लेते हैं।

एक अनुमान के मुताबिक माघ बिहू (Magh Bihu) त्यौहार में करीब 82 करोड़ रुपए का लड्डू और पेठा बनाया जाता हैं। इसके आलावा माघ बिहू (Magh Bihu) त्यौहार के उत्सव में मटन और मछली से बने पकवान मुख्य आकर्षण का केंद्र होते हैं। असम में इस त्यौहार के दौरान मछली और मटन की मांग अधिक बढ़ जाती है।

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