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पोंजी योजनाएं चलाने वालों के लिए कड़े दंड व जुर्माने का प्रस्ताव

विधेयक के मसौदे के अनुसार दूसरी बार गलती करने पर न्यूनतम पांच साल तक की जेल होगी जिसे बढ़ाकर 10 साल किया जा सकता है।

पोंजी योजनाएं चलाने वालों के लिए कड़े दंड व जुर्माने का प्रस्ताव

नई दिल्ली. पोंजी योजनाएं चलाने वालों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सरकार ने एक विधेयक के मसौदे में अवैध तरीके से धन जमा योजनाएं चलाने वालों के लिए 10 साल तक की कैद और 50 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रस्ताव किया है।

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इसमें ऐसी सभी प्रकार की जमा योजनाओं को प्रस्तावित कानून के दायरे में लाने की बात कही गई है। अंतर-मंत्रालयी समूह की सिफारिशों के आधार पर तैयार मसौदा विधेयक में कहा गया है कि गड़बड़ी करने वालों के लिए न्यूनतम एक साल की जेल होगी जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही 10 लाख रुपए तक जुर्माना लग सकता है।
कार्रवाई का जिम्मा राज्य सरकारों पर
फिलहाल पोंजी योजना चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का जिम्मा राज्य सरकार की एजेंसियों पर है जबकि बाजार नियामक सेबी अवैध सामूहिक निवेश योजनाओं तथा अनाधिकृत रूप से सार्वजनिक तौर पर कोष जुटाने की उन गतिविधियों पर कार्रवाई करता है जहां राशि 100 करोड़ रुपए से अधिक हो या जहां निवेशक 50 या उससे अधिक हैं।
लोगों से 30 अप्रैल तक टिप्पणी आमंत्रित
विधेयक के मसौदे के अनुसार दूसरी बार गलती करने पर न्यूनतम पांच साल तक की जेल होगी जिसे बढ़ाकर 10 साल किया जा सकता है। साथ ही जुर्माना 50 करोड़ रुपए होगा। 'बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम्स एंड प्रोटेक्शन आफ डिपाजिटर्स इंटरेस्ट' (अविनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध एवं जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण) शीर्षक इस विधेयक के मसौदे पर लोगों से 30 अप्रैल तक टिप्पणी आमंत्रित की गई है।

बजट में कानून लाने की घोषणा
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने भी 2016-17 के बजट में घोषणा की है कि अनाधिकृत तरीके से जमा प्राप्त करने की योजनाओं से निपटने के लिए व्यापक केंद्रीय कानून चालू वित्त वर्ष में लाया जाएगा।
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