Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सांसदों-विधायकों के खिलाफ 3816 मामलों की सुनवाई

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को कहा गया है कि1765 नीति निर्माताओं के खिलाफ लंबित 3816 आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाए।

स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सांसदों-विधायकों के खिलाफ 3816 मामलों की सुनवाई
X

केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को कहा गया है कि1765 नीति निर्माताओं के खिलाफ लंबित 3816 आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाए।

ये भी पढ़ें- जांच के घेरे में आएंगे 'भव्य जीवनशैली' वाले बीएसएफ के अधिकारी

कानून मंत्रालय ने कहा कि विशेष अदालतों का गठन वर्तमान में11 राज्यों में हो रहा है जिनमें आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, बिहार, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इसने कहा कि12 राज्यों ने अभी तक इस तरह की अदालतों का गठन नहीं किया है वहीं असम, नगालैंड, मिजोरम, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा जैसे राज्यों से स्थिति रिपोर्ट मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है।

कानून और न्याय मंत्रालय ने शीर्ष अदालत से कहा कि उच्च न्यायालयों, राज्य और संघ शासित क्षेत्र की विधानसभाओं और सरकारों से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की सूचना मांगी गई है।

कानून मंत्रालय ने कहा कि इसने राज्य के मुख्य सचिवों, राज्य विधानसभाओं के सचिवों और सभी उच्च न्यायालयों से सूचना मांगी थी।

ये भी पढ़ें- राजस्थान: एनपीपी का भाजपा में विलय, किरोडी सहित तीन विधायक भाजपा में शामिल

केंद्र ने उच्चतम न्यायालय के एक नवम्बर2017 के आदेश का पालन करते हुए इन अदालतों के गठन का प्रस्ताव दिया है और योजना के तहत11 राज्यों के लिए7.8 करोड़ रुपये मंजूर किया गया है। उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा248 सांसदों- विधायकों के खिलाफ कुल565 मामले हैं वहीं केरल में114 सांसदों- विधायकों के खिलाफ533 मामले लंबित हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story