Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला हुईं रिहा, जारी रखेंगी भूख हड़ताल

कोर्ट ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया कि भूख हड़ताल के जरिए इरोम आत्‍महत्‍या करना चाहती हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला हुईं रिहा, जारी रखेंगी भूख हड़ताल
X

इंफाल. मणिपुर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (आफस्पा) हटाने की मांग को लेकर पिछले 14 साल से भूख हड़ताल कर रहीं 'आयरन लेडी' इरोम शर्मिला चानू को बुधवार को रिहा कर दिया गया। वह पिछले 13 साल से मणिपुर के एक अस्पताल में न्यायिक हिरासत में थीं। रिहाई के बाद शर्मिला ने कहा कि अफस्पा पर उनका नजरिया नहीं बदला है और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, वह भूख हड़ताल जारी रखेंगी। मंगलवार को कोर्ट ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया कि भूख हड़ताल के जरिए इरोम आत्‍महत्‍या करना चाहती हैं।

मंगलवार को इरोम को आत्महत्या के प्रयास के आरोपों से मुक्त करते हुए जज ए गुणेश्वर शर्मा ने कहा कि याचिकाकर्ता की यदि किसी और मामले में जरूरत नहीं है, तो उसे रिहा किया जाए। जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष आमरण अनशन करके आत्महत्या करने की उनकी मंशा को साबित करने में विफल रहा है। आइपीसी की धारा 309 के तहत कथित दंडनीय अपराध को साबित करने के लिए सबूतों का अभाव है। इरोम शर्मिला 4 नवंबर 2000 से उपवास पर हैं।

गौरतलब है कि आत्महत्या का प्रयास करने के आरोप में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता इरोम बीते करीब 14 साल से न्‍यायिक हिरासत में थीं। इरोम मणिपुर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (एएफएसपीए) वापस लेने की मांग को लेकर उपवास कर रही हैं। इरोम शर्मिला के मुताबिक सुरक्षा बलों द्वारा इस कानून का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और वे बेवजह किसी भी शख्‍स को गिरफ्तार कर प्रताड़ि‍त करते हैं।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, इरोम शर्मिला को क्यों किया गया रिहा -

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top