Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

राज्यसभा में बोले येचुरी- नोटबंदी एक देशद्रोही निर्णय है

सीताराम येचुरी ने कहा कि नोटबंदी से किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।

राज्यसभा में बोले येचुरी- नोटबंदी एक देशद्रोही निर्णय है
X
नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र का चौथे सप्ताह की कार्यवाही भी नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। हंगामे के कारण पिछले सौलह दिन से इस सत्र में कोई भी सरकारी और विधायी कार्य नहीं हो सका है। राज्यसभा में शुक्रवार को माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि नोटबंदी से सरकार हमारे अन्नदाताओं (किसानों) को बर्बाद कर रही है और स्वीकार करना पड़ेगा कि नोटबंदी का यह एक देशद्रोही निर्णय है। वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने सीताराम येचुरी के इस कथन का समर्थन करते हुए कहा कि यह किसान विरोधी कदम है। मायावाती ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को नोटबंदी के फैसले पर एक बार फिर विचार करना चाहिए, अन्यथा किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।
राहुल का मोदी पर निशाना
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर बहस करना चाहते हैं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहस से डर रहे हैं। अगर इस मुद्दे पर चर्चा हो तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि ये फैसला सही था या गलत। राहुल ने कहा कि मुझे संसद में बोलने का मौका मिले तो पीएम संसद में बैठ नहीं पाएंगे। राहुल ने कहा कि इससे केवल उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ये फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री पूरे देश में भाषण दे रहे हैं लेकिन लोकसभा में आने से डर रहे हैं और अगर वह बोले तो भूकंप आ जाएगा।
सरकार चर्चा को तैयार
राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ-साफ कहा कि विपक्ष बहस चाहता ही नहीं है। सरकार ने शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन साफ कर दिया था कि वो हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष की तरफ से हर रोज एक न एक बहाना कर बहस में रोड़े अटकाए गए। वहीं लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने भी सरकार की इस बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से पिछले 16 दिनों से व्यवधान डाला जा रहा है, सदन में कामकाज को बाधित किया जा रहा है।

अब बिना नियम चर्चा
संसद सत्र के लिए 15 दलों के विपक्षी गठबंधन ने मांग की है कि नोटबंदी पर चर्चा अब बिना किसी नियम के हो। चर्चा की समाप्ति के बाद सदन की इच्छा के मुताबिक मतविभाजन कराया जाए। राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ-साफ कहा कि विपक्ष बहस चाहता ही नहीं है। सरकार ने शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन साफ कर दिया था कि वो हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष की तरफ से हर रोज एक न एक बहाना कर बहस में रोड़े अटकाए गए।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story