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सिक्किम देश का सबसे स्वच्छ राज्य, 4 साल बाद नहीं होगा कोई गरीब

सिक्किम में खुले में शौच,पेशाब, धूम्रपान और प्लास्टिक पर जुर्माना है।

सिक्किम देश का सबसे स्वच्छ राज्य, 4 साल बाद नहीं होगा कोई गरीब
गंगटोक. ग्रामीण भारत सफाई अभियान के तहत एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण में सिक्किम को सबसे स्वच्छ राज्य का दर्जा हासिल हुआ है। 13 साल पहले चलाए गए सफाई अभियान में सिक्किम ने पहली रैंक हासिल की है। तो वहीं अगले चार साल में यह गरीबी मुक्त राज्य बनने की दिशा में काम कर रहा है।
सिक्किम ने भारत के सबसे स्वच्छ राज्य बनने का गौरव हासिल करके कीर्तिमान रच दिया है। सिक्किम बासियों को गर्व होना चाहिए कि उनका राज्य भारत का पहला और एकमात्र खुले में शौच मुक्त राज्य है। बसिलाख सईद के एक निवासी गंगा सुब्बा ने बताया कि, "यहां खुले में शौच, धूम्रपान, पेशाब और प्लास्टिक पर जुर्माना है। इसलिए यहां कोई भी नियमों का उल्लंघन नहीं करता है।
स्वच्छ सिक्किम के मॉडल के अन्तर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि नागरिकों द्वारा किसी भी नियम के उल्लंघन करने पर कठोर दंड दिया जाएगा। इसलिए यहां पिछले 13 सालों से इन नियमों का पालन किया जा पहा है। उदाहरण के लिए, सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने पर किसी भी पर्यटक या सिक्किम निवासी को 500 रुपये का जुर्माना भरना होगा वहीं धूम्रपान के लिए यह जुर्माना 200 रुपये है।
सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग का कहना है कि, "देश भर में स्वच्छ भारत के एक बड़े अभियान को देखकर, मैं कह सकता हूं कि हमने इसे बिलकुल सही तरीके से कायम किया है। अभियान की शुरुआत 13 साल पहले शुरू हुई थी जब 2008 में सिक्किम को भारत सरकार ने निर्मल राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। आपको बता दें कि यह पुरूस्कार साफ-सफाई के लिए एक राष्ट्रीय सम्मान के रूप में जाना जाता है।
सिक्किम में ज्यादातर सार्वजनिक स्थानों पर पब्लिक टॉयलेट और पीने के पानी के लिए सार्वजनिक फिल्टर स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं। गंगटोक और नामची जैसे मुख्य शहरों में बेहतर जल निकासी की सुविधाएं संचालित हैं। यहां करीब एक दशक से प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होता है। प्लास्टिक पर यहां प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि पीईटी (polyethylene terephthalate) पानी की बोतलें कभी-कभी पर्यटकों द्वारा इस्तेमाल की जा रहीं हैं। वहां जल्द ही इस तरह के पानी की बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा और पर्यटकों को सार्वजनिक स्थानों, होटलों और रेस्तराओं में ही आरओ या फिल्टर पानी उपलब्ध करवाने की सुविधा दी जाएगी।
हालांकि सिक्किम के ही गंगटोक शहर को भी देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में घोषित किया गया है। अखिल भारतीय क्लीन सिटी अभियान में गंगटोक को आठवें स्थान पर रखा गया है। गंगटोक के मेयर शक्ति सिंह चौधरी का कहना है कि, हमें सार्वजनिक शौचालय के लिए सही साइनेज और जल निकासी पर सुधार करना होगा।
सिक्किम के लोकसभा सांसद प्रेम दास राय कहते हैं, "स्वच्छ रहने की वजह से, सिक्किम के लोग स्वस्थ और खुश हैं, और यह भारत के सबसे खुश राज्यों में से एक है।"
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