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Sikh Riots Case : 3 हजार सिखों का नरसंहार, कांग्रेस-कमलनाथ और बच्चन

1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस पार्टी की भूमिका के बारे में भी अक्सर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसा इसलिए भी होता हैं कि सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस के कई नेताओं जैसे कमलनाथ, अमिताभ बच्चन, राजीव गांधी, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर की भूमिका संदिग्ध रही हैं।

Sikh Riots Case : 3 हजार सिखों का नरसंहार, कांग्रेस-कमलनाथ और बच्चन

साल 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (indira gandhi) की हत्या के बाद दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में भड़के सिख विरोधी दंगों (Sikh Riots Case) में करीब 3000 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस पार्टी की भूमिका के बारे में भी अक्सर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसा इसलिए भी होता हैं कि सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस के कई नेताओं की भूमिका संदिग्ध रही हैं।

Sikh Riots Case - 1984 सिख दंगे

30 अक्टूबर 1984 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या (Indira Gandhi Assassination) उन्हीं के अंगरक्षकों द्वारा की गई थी। इसके बाद पूरे देश में सिखों के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इन दंगों में 3000 से ज़्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी। विकिपीडिया पर मौजूद जानकारी के मुताबिक साल 1984 के दंगों को लेकर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (सीबीआई) की राय ये है कि ये सभी हत्याएं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और इंदिरा गांधी के बेटे और बाद में भारत के प्रधानमंत्री बने राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की सरकार की मौन सहमति से अंजाम दिए गए थे।

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से सिख दंगों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि 'जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती भी हिलती है।यहां हम आपको बता रहे हैं कांग्रेस के उन नेताओं के बारे में जिन पर अक्सर दंगों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं-

आगे की स्लाइड्स में जानिए Sikh Riots Case से जुड़ी पूरी खबर...

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