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''एक-दो को छोड़ सभी मुगल थे अय्याश, मुसलमानों के नहीं हो सकते रोल मॉडल''

ताजमहल विवाद को लेकर अब शिया वक्फ बोर्ड भी कूद पड़ा है। लेकिन, इसके सुर भाजपा नेता संगीत सोम के सुर से मिलते नजर आ रहे हैं।

ताजमहल विवाद को लेकर अब शिया वक्फ बोर्ड भी कूद पड़ा है। लेकिन, इसके सुर भाजपा नेता संगीत सोम के सुर से मिलते नजर आ रहे हैं। शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डब्ल्यू. रिजवी का कहना है कि ताजमहल मोहब्बत का प्रतीक हो सकता है, लेकिन आस्था का नहीं।

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रिजवी ने आगे कहा कि एक-दो को छोड़कर सभी मुगल अय्याश किस्म के थे। इसलिए मुसलमानों को इन्हें अपना रोल मॉडल बनाने से बचना चाहिए।

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में रिजवी ने कहा कि राम की प्रतिमा का विरोध करना बेहद दुखद है। भगवान राम प्रतिमा बनाना एक अच्छा कदम है। इसकी वजह है कि अयोध्या हिंदू विरासत का केंद्र रहा है।

रिजवी ने राम की मूर्ति पर विवाद पर हैरानी जताते हुए कहा कि जब मायावती ने अपनी ही मूर्ति बनाई थी, तो किसी ने उसका विरोध नहीं किया। ऐसे में राम की प्रतिमा को लेकर इतना बवाल क्यों किया जा रहा है?

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बता दें कि शिया वक्फ बोर्ड ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को अयोध्या में प्रस्तावित भगवान राम की 108 मीटर ऊंची प्रतिमा के लिए चांदी के 10 तीन भेंट करने के लिए एक प्रस्ताव पारित भी किया है।

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