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गोहत्या पर काटजू के विवादित बयान से नाराज हुए शंकराचार्य, कहा- मनोरोगी है काटजू

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कण्डेय काटजू के गोमांस सेवन के बयान पर आपत्ति जताई है।

गोहत्या पर काटजू के विवादित बयान से नाराज हुए शंकराचार्य, कहा- मनोरोगी है काटजू

नरसिंहपुर(रायपुर). द्वारका शारदापीठ के जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कण्डेय काटजू के गोमांस सेवन के बयान पर आपत्ति जताई है। शंकराचार्य ने बयान को लेकर काटजू को पत्र लिखा और उन्हें 'मनोरोगी' कह दिया। स्वामी स्वरूपानंद ने कहा है कि गोमांस में प्रोटीन के साथ ऐसे बैक्टीरिया भी होते हैं, जो स्वास्थ्य एवं संक्रामक होने से समाज के लिए भी घातक होते हैं, जबकि हमारी देशी गाय के दूध में प्रोटीन एवं वह बैक्टीरिया रहित भी है।

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शंकराचार्य ने कहा कि काटजू के वक्तय में गाय सड़कों पर घूमती है, पॉलिथिन खा लेती है। इसका इलाज गाय को काट दिया जाए, ऐसा नहीं है। गाय लावारिस नहीं होती। कोई न कोई उसका मालिक होता है। काटजू के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि प्रतिष्ठित काटजू घराना बयान के बाद कुख्यात हो गया है। अब काटजू का अर्थ यही जगाया जाएगा कि जो गाय को काटने की बात करे, वह काटजू है। उन्होंने कहा कि सम्मानित ओहदे का ख्याल किए बिना जो बयान दिया है, उससे गोहत्या की कितनी बड़ी इकाई को वैध ठहराया है, इसका विचार नहीं किया गया।

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गौरतलब है कि एक ब्लॉग लिखकर काटजू ने यह खुलासा किया है कि वे गोमांस खा चुके हैं और मौका मिलेगा तो फिर खाएंगे। जस्टिस (रिटायर्ड) काटजू ने कहा कि गोहत्या पर पाबंदी की मांग सिर्फ राजनीतिक है और ऐसा किए जाने से विदेशों में भारत की छवि खराब होगी। उन्हें हमारे ऊपर हंसने का मौका मिलेगा।

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