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मेरठः गैंगरेप पीड़िता को कोर्ट जाते वक्त मारीं गोलियां

10 जनवरी 2016 को गांव के चार दबंगों ने पीडिता को घर में अकेला पाकर उसका गैंगरेप किया था

मेरठः गैंगरेप पीड़िता को कोर्ट जाते वक्त मारीं गोलियां
मेरठ. मेरठ के शामली में हुए एक गैंगरेप की पीड़िता को न्याय के लिए पहले तो दर-दर की ठोकर खानी पड़ी और फिर पुलिस वालों से ही जान का खतरा होने पर एफआइआर भी दर्ज करानी पड़ी और फिर शुक्रवार को कोर्ट में सुनावाई पीडिता पर गोली चला दी गई।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इस दहला देने वाली घटना के 10 महीने बाद शुक्रवार को गैंगरेप के चारों आरोपियों समेत कुल 6 लोगों ने पीड़िता पर कोर्ट में सुनवाई के लिए जाते वक्त मुजफ्फरनगर में गोली चला दी। डॉक्टर्स ने शनिवार को बताया कि उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
ग्रामीणों के आने तक भाग निकले आरोपी पीड़िता कोर्ट में सुनवाई के लिए अपने चचेरे भाई अली के साथ जा रही थी कि रास्ते में तकरीबन एक दर्जन बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। अली के मुताबिक, 'उन्होंने केस फाइल करने को लेकर पहले तो गालियां दीं और फिर उसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया। बंदूक की गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक गुंडे भाग चुके थे। इससे पहले सुल्ताना के बदन में तीन गोलियां उतर चुकी थीं।' पुलिस कर रही है आरोपियों की तलाश कैराना पुलिस स्टेशन अधिकारी एपी भारद्वाज की मानें तो उन सभी 6 आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। डॉक्‍टर रख रहे हैं पूरा ख्‍याल वहीं सुल्ताना का उपचार कर रहे मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिकल आॅफिसर अजीत चौधरी ने कहा कि,'सुल्ताना को तीन गोलियां लगी हैं। इनमें से एक उसकी जांघ पर, एक कोहनी और एक उसके सिर के ऊपरी हिस्से में लगी है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और हम उसकी पूरी देखभाल कर रहे हैं। हालांकि, गोलियों की वजह से उसके शरीर के किसी नाजुक हिस्से को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। गोलियों को अभी निकाला नहीं गया है क्योंकि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है।'
जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है जंग सुल्तान के पति के मुताबिक,'10 जनवरी 2016 को गांव के चार दबंगों ने पीडिता को घर में अकेला पाकर उसका गैंगरेप किया था। उन्होंने हमारी जिंदगी जहन्नुम बना दी है। पहले पुलिस ने हमारे लाख प्रयास के बाद भी केस नहीं दर्ज किया। आखिरकार, दबाव पड़ने पर एक महीने बाद केस दर्ज हुआ। उसके बाद से ही सुल्ताना को लगातार धमकियां मिल रही थीं। पुलिस ने हमारी सुरक्षा में कोई मदद नहीं की है। अब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।'
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