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अब और मजबूत होगी नेपाल और भूटान सीमाओं की सुरक्षा

फिर शुरू हुई सशस्त्र सीमा बल की खुफिया इकाई।

अब और मजबूत होगी नेपाल और भूटान सीमाओं की सुरक्षा

भारत-नेपाल और भारत-भूटान की खुली सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल यानि एसएसबी की खुफिया ईकाई की स्थापना कर दी गई है।

इस खुफिया व्यवस्था के बाद भारत की खुली सीमाओं की सुरक्षा में आ रही चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक एक समारोह में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की नई खुफिया ईकाई की स्थापना की, जो पहले बंद कर दी गई थी।

इस खुफिया ईकाई का संचालन शुरू करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश की खुली सीमाओं की रक्षा करना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ था और इस कारण सीमाओं पर आपराधिक गतिविधियां और गैरकानूनी सामनों की तस्करी भी लगातार बढ़ रही थी।

उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल और भारत-भूटान दोनों सीमाओं पर एसएसबी के जवान प्रहरी बने हुए हैं, लेकिन इस सुरक्षा बल को और अधिक ताकत देने के लिए एक खुफिया तंत्र की आवश्यकता महसूस की जाती रही है, जिसके लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी के बाद इस दिशा में कदम बढ़ाया है।

अब एसएसबी को भारत-नेपाल और भारत-भूटान दोनों सीमाओं के लिए लीड इंटेलिजेंस एजेंसी (एलआईए) के रूप में घोषित किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा बलों को सुरक्षा को अंजाम देने के लिए खुफिया नेटवर्क सीमा प्रबंधन की उच्च क्षमताओं के साथ मदद मिलती रहेगी। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने बटालियन से विभिन्न रैंकों में 650 पदों को फ्रंटियर मुख्यालय से मंजूरी दी है।

मोबाइल ऐप लांच

इस मौके पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यहां समारोह में सशस्त्र पुलिस बल के सेवानिवृत्त और शहीद जवानों के परिजनों की मदद के लिये एक मोबाइल एप ‘वार्ब’ को भी लांच किया, जो एसएसबी की एक कारगर पहल है और इससे पीड़ित परिवार ही नहीं, बल्कि सरकार की भी मदद मिल सकेगी। उन्होंने इस तकनीक को प्रभावी बनाने के लिए सशस्त्र बल के अधिकारियों से संबद्ध बल के कम से कम एक शहीद के परिवार की देखभाल या किसी अन्य प्रकार से मदद करने की जिम्मेदारी लेने की भी अपील की।

एसएसबी की महानिदेशक अर्चना रामसुंदरम ने मोबाइल एप ‘वार्ब’ के बारे में बताया कि इसके जरिये सीएपीएफ के सेवानिवृत्त जवान और उनके परिजन अपनी समस्याओं और शिकायतों का समाधान पा सकते हैं। इसमें जवानों की पेंशन संबंधी समस्याओं या शिकायतों के अलावा जवानों के बच्चे रोजगार, शिक्षा और प्रशिक्षण संबंधी जानकारियां भी हासिल कर सकेंगे। इस मौके पर गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर, आईबी के निदेशक राजीव जैन के अलावा सीएपीएफ के महानिदेशक भी मौजूद थे।

शहीदों के बच्चों को सहायता

राजनाथ सिंह ने इस मौके पर एसएसबी के जवानो व परिजनों की सुविधाओं के लिए उनके कल्याण और पुनर्वास योजना के शहीद जवानों के 19 बच्चों को शैक्षिक सहायता राशि प्रदान की। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बल के जवानों से सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाली अफवाहपूर्ण जानकारियों से दूरी बनाने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसी अफवाहों को रोकने के लिए एसएसबी की खुफिया ईकाई से भी सतर्क रहने की अपेक्षा की है, ताकि सोशल मीडिया के जरिए देशविरोधी और अराजक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लागया जा सके। वहीं उन्होंने एसएसबी के शहीद जवानों के शौर्य की दास्तान पर आधारित एक पुस्तक ‘प्राइड आफ एसएसबी’ का लोकार्पण भी किया।

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