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SCO Summit 2018: पीएम मोदी ने छह देशो के साथ किए द्वीपक्षीय समझौते, पाकिस्तान से नहीं की बात

मोदी और हुसैन 18 वें एससीओ शिखर सम्मेलन की समाप्ति पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान अन्य नेताओं के साथ मौजूद थे। भारत और पाकिस्तान ने इस सम्मेलन में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शिरकत की।

SCO Summit 2018: पीएम मोदी ने छह देशो के साथ किए द्वीपक्षीय समझौते, पाकिस्तान से नहीं की बात

भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबधों के बीच यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने हाथ मिलाए और संक्षिप्त बातचीत की।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के मीडिया को संबोधित करने के बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए और संक्षिप्त बातचीत की। चीन एससीओ का मेजबान देश है।
मोदी और हुसैन 18 वें एससीओ शिखर सम्मेलन की समाप्ति पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान अन्य नेताओं के साथ मौजूद थे। भारत और पाकिस्तान ने इस सम्मेलन में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शिरकत की।
मोदी अन्य एससीओ देशों के नेताओं के साथ कम से कम छह द्विपक्षीय बैठकें कर चुके हैं लेकिन मोदी और हुसैन के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई है।
मोदी ने अपने संबोधन में अफगानिस्तान की स्थिति का जिक्र करते हुए आंतकवाद की चुनौती तथा उसके प्रभाव पर चर्चा की ।
वहीं हुसैन ने अपने संबोधन में इस बात का भरोसा दिलाया कि उनके देश में होने वाले आम चुनाव पाकिस्तान में आर्थिक स्थिरता को और मजबूत करेंगे।
उन्होंने कहा कि चीन की बेल्ट एंड रोड़ परियोजना के हिस्से के रूप में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। वहीं भारत लगातार इस परियोजना का विरोध कर रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से हो कर गुजरती है।
दरअसल 2016 में उरी में सैन्य अड्डे पर पाकिस्तानी आंतकवादी संगठन के हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव आ गया था।
इसके बाद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा जासूसी के जुर्म में मौत की सजा सुनाए जाने से संबंध और बिगड़ गए।
भारत ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए 2016 में इस्लामाबाद में हो रहे 19 वें सार्क सम्मेलन का बहिष्कार किया था। इसके बाद अनेक देशों के इनकार के बाद शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था। भारत का कहना है कि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।
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