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न्यायाधीश रिश्वत मामले में सुप्रीम कोर्ट का एसआईटी जांच से इंकार, वकील को सुनाई खरी-खरी

इसके साथ ही इस मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं होगी।

न्यायाधीश रिश्वत मामले में सुप्रीम कोर्ट का एसआईटी जांच से इंकार, वकील को सुनाई खरी-खरी

जजों के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही इस मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं होगी।

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एसआईटी जांच की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिका से अनावश्क रूप से जजों की ईमानदारी पर शक पैदा होगा। इस तरह वरिष्ठ वकील कामिनी जायसवाल की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की एफआईआर में किसी जज के नाम का जिक्र नहीं है और ना ही किसी जज के खिलाफ इस तरह की शिकायत दर्ज करना संभव है।

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जस्टिस आर के अग्रवाल, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एएम खंनविलकर की खंडपीठ ने कहा कि इस तरह के मामले उठाना उचित नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि इस तरह की याचिका से न्यायिक प्रणाली की साख को नुकसान पहुंचा है। साथ ही इससे गैरजरूरी शक भी पैदा हुए हैं।

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कामिनी जायसवाल ने वरिष्ठ वकील शांति भूषण और प्रशांत भूषण की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मेडिकल कॉलेज के केसों को सेटल करने के लिए जजों के रिश्वत दी गई थी। इसमें उड़ीसा हाईकोर्ट के रिटायर जज का नाम भी है।

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