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मिनिमम बैलेंस न रखने वालों से SBI ने बसूले 1800 करोड़, ये बैंक भी नहीं रहे पीछे

देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने जहां साल 2016-17 में अपने खाता धारकों से मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर कोई चार्ज नहीं लिया था वहीं स्टेट बैंक ने खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने वाले लोगों से 1,771 करोड़ रुपए की राशि वसूल की है।

मिनिमम बैलेंस न रखने वालों से SBI ने बसूले 1800 करोड़, ये बैंक भी नहीं रहे पीछे

देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने जहां साल 2016-17 में अपने खाता धारकों से मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर कोई चार्ज नहीं लिया था, वहीं स्टेट बैंक ने खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने वाले लोगों से 1,771 करोड़ रुपए की राशि वसूल की है। यह राशि बैंक ने पिछले 9 महीने में वसूल की है।

ऐसे खाताधारकों से बैंक ने मिनिमम बैलेंस न रखने पर इतना पैसा वसूल किया है कि यह बैंक के एक तिमाही की कमाई से भी ज्यादा है। यह राशि बैंक की जुलाई-सितंबर की कमाई से भी ज्यादा है।

बैंक के 42 करोड़ खाताधारक

स्टेट बैंक ने साल 2016-17 में अपने खाता धारकों से मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर कोई चार्ज नहीं लिया था। स्टेट बैंक में 42 करोड़ खाता धारक हैं।

13 करोड़ सेविंग व जनधन खाते

स्टेट बैंक में 13 करोड़ बेसिक सेविंग अकाउंट और प्रधानमंत्री जन धन योजना अकाउंट हैं। इन दोनों पर मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने का कोई चार्ज नहीं लगता है। इसके अलावा जिन खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं था उनसे चार्ज वसूला गया।

पीएनबी ने भी वसूला चार्ज

स्टेट बैंक के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने अपने खाता धारकों से मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने के चार्ज वसूले हैं। पीएनबी ने साल 2017-18 में 97.34 करोड़ रुपए वसूले हैं। वहीं साल 2016-17 में पीएनबी ने 130.64 करोड़ रुपए वसूले थे।

ये बैंक भी नहीं रहे पीछे

इसके बाद सेंट्रल बैंक का नंबर आता है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में सेंट्रल बैंक अपने ग्राहकों से 68.67 करोड़ रुपए वसूल कर चुकी है। पंजाब एंड सिंध बैंक एक ऐसा बैंक है जिसने 2016-17, और 2017-18 में अब तक कोई चार्ज नहीं वसूला है।

एसबीआई ने कम किया बेस रेट

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ने नए साल का तोहफा देते हुए सोमवार (1 जनवरी) से अपने बेस रेट में कटौती की। एसबीआई के इस कदम से तकरीबन 80 लाख लोगों को फायदा होने वाला है। 30 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद अब एसबीआई का बेस रेट 8.65 प्रतिशत हो गया है। यह बाकी बैंकों के मुकाबले सबसे कम है।

बेस रेट क्या होता है

यह वह न्यूनतम दर है जिस पर बैंक ग्राहकों को लोन दे सकते हैं। रिजर्व बैंक यह निगरानी करता है कि कोई भी बेस रेट से कम पर किसी भी कस्टमर को लोन न दे पाए।

किनका होगा फायदा

एसबीआई से ज्यादातर लोग होम और एजुकेशन लोन लेते हैं। जिन लोगों ने अप्रैल 2016 से पहले होम लोन लिया होगा उसको इससे फायदा होगा। बेस रेट के साथ-साथ बैंक ने प्राइम लेंडिंग रेट को भी उसके पिछले बेंचमार्क 13.70% से 13.40% कर दिया है।

प्रोसेसिंग फीस में छूट मार्च तक

होम लोन प्रोसेसिंग फीस पर चल रही छूट को भी 31 मार्च 2018 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। यह स्कीम नया होम लोन लेने की चाह रखने वालों और पहले से चल रहे अपने होम लोन को एसबीआई में शिफ्ट करने वालों के लिए है।

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