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Saraswati Puja 2019 : पूजा के दौरान भूलकर भी ना करें ये 5 काम, वरना विद्या की देवी हो जाएंगी नाराज

बसंत पंचमी / सरस्वती पूजा का त्योहार पूरे देश में 9 फरवरी और 10 फरवरी को श्रद्धा और उल्लाह के साथ मना जा रहा है।

Saraswati Puja 2019 : पूजा के दौरान भूलकर भी ना करें ये 5 काम, वरना विद्या की देवी हो जाएंगी नाराज

Saraswati Puja Basant Panchami 2019 -

बसंत पंचमी (Basant Panchami) / सरस्वती पूजा (Saraswati Puja) का त्योहार पूरे देश में 9 फरवरी और 10 फरवरी को श्रद्धा और उल्लाह के साथ मना जा रहा है। बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन मां सरस्वती की पूजा होती है। इसी वजह से इस दिन को सरस्वती पूजा के नाम से भी जनाता जाता है।
कहते हैं कि माघ मास की पंचमी को विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा बसंत पंचमी के दिन ही की जाती है। इस दिन सिर्फ मां सरस्वती की ही नहीं वासना के देवता कामदेव की भी पूजा होती है।
वास्तव में वसंत ऋतु को कामदेव की ऋतु मानी जाती है। शास्त्रों के मुताबिक, मां सरस्वती को ज्ञान, कला, बुद्धि, गायन-वादन की देवी माना गया है। इस दिन लोगों को बड़ी ही सावधानी से हर काम को करना चाहिए।

सरस्वती पूजा पर क्या करें और क्या ना करें

1. सबसे पहले बात करते हैं कि कैसे वस्त्र पहनने चाहिेए। कभी भी पूजा पाठ के दौरान काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। वैसे इस खास मौके पर सरस्वती पूजा यानि वसंत पंचमी के दिन पीले या सफेद रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
2. दूसरा है इस दिन कभी की व्यक्ति को वृक्षों या पौधों की कटाई नहीं करनी चाहिए। बसंत पंचमी का त्योहार प्रकृति का त्योहार मना गया है। इसके अलावा इस दिन वृक्षों की छटाई भी नहीं करनी चाहिए।
3. कहते हैं कि इस दिन किसी को भी भूलकर अपशब्द या गलत नहीं बोलना चाहिए। इससे सरस्वती की कृपा सदैव बनी रहती है। सभी लोगों को मधुरता से बोलना चाहिए। इंसान की वाणी ही उसका सबसे बड़ा शस्त्र कहा जाता है। ज्ञान की देवी सरस्वती ऐसे लोगों से रूठ जाती हैं जो हमेशा किसी को अपशब्द बोलते हैं।
4. इस दिन कहते हैं कि घर परिवार को शांति का माहौल बना रहना चाहिए। घर के अंदर किसी भी तरह का कोई कलह नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि इस दिन घर में कलह करने से घर में अशांति रहती है। जिससे मां रूठ जाती हैं।
5. कहते हैं कि इस दिन प्रत्येक इंसान को सुबह उठते ही बिना स्नान किए भोजन नहीं करना चाहिए। स्नान करने के बाद मां की पूजा करनी चाहिए और उसे कामना करनी चाहिए। पूजा में मां को हलवा या खीर का भोग लगाना चाहिए।
6. इस दिन शराब-मांस किसी भी तरह के मांसाहार भोजन (नॉनवेजीटेबल) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सात्विक भोजन ही करना चाहिए।
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