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जानिए कैसे टूटी सपा, क्या होगा ''साइकिल'' का विकल्प

शिवपाल यादव ने कहा कि नेतजी मुलायम सिंह यादव इस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और आगे भी रहेंगे।

जानिए कैसे टूटी सपा, क्या होगा साइकिल का विकल्प
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के दंगल में दो फाड़ हुई पार्टी में अब चुनाव चिन्ह ‘साईकिल’ को लेकर घमासान तेज हो गया है। पार्टी और चुनाव चिन्ह पर अपना हक जताने के लिए सोमवार को मुलायम सिंह यादव ने केंद्रीय चुनाव आयोग में दस्तक दी, जबकि अखिलेश खेमा इसी हक को लेकर कल मंगलवार को चुनाव आयोग में अपना दावा ठोकेगा। वहीं केंद्रीय चुनाव आयोग कभी-कभी भी चुनाव की तारीख का ऐलान कर प्रदेश में आचार-संहिता को लागू कर सकता है। जिसके बाद कोई भी राजनीतिक पार्टी अपनी तथा अपने चुनाव चिन्ह से संबंधित किसी प्रकार का प्रचार नहीं कर पाएगी।
असली समाजवादी पार्टी कौन सी है
संविधानविदों का कहना है कि चुनाव आयोग समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को जब्त करता है तो दोनों गुटों को अलग-अलग वैकल्पिक चुनाव चिन्ह आवंटित किये जा सकते हैं। ऐसे में इसका खामियाजा दोनों गुटों को ही चुनाव के दौरान भुगतना पड़ सकता है। इसका कारण साफ है कि सपा का चुनाव चिन्ह 'साइकिल' उत्तर प्रदेश के लोगों के जुबान पर है, ऐसे में नए चुनाव चिन्ह मिलने से लोगों तक उसकी पहुंच नहीं हो पाएगी। दरअसल इसके लिए चुनाव आयोग में एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग यह भी तय करेगा कि असली समाजवादी पार्टी कौन सी है। ऐसे में लोगों तक नए चुनाव चिन्ह को पहुंचा पाना अखिलेश और मुलायम दोनों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।
ऐसे टूटी सपा
गौरतलब है कि रविवार को लखनऊ में आयोजित सपा के आपातकालीन अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अधिवेश में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव की बर्खास्तगी तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह को पार्टी से बाहर करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। वहीं मुलायम सिंह यादव को पार्टी का मागदर्शक व संरक्षक चुना गया है। हालांकि मुलायम सिंह ने इस अधिवेशन को असंवैधानिक करार दिया है। मुलायम खेमे की ओर से उनके भाई शिवपाल यादव ने कहा कि नेतजी मुलायम सिंह यादव इस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और आगे भी रहेंगे।
मुलायम का अधिवेशन स्थगित
उधर मुलायम सिंह यादव ने रविवार को इस अधिवेशन को ही असंवैधानिक करार दे दिया और उन्होंने रामगोपाल यादव को तीसरी बार सपा से छह साल के लिए निकालते हुए 5 जनवरी को आकस्मिक राष्ट्रीय अधिवेशन जनेश्वर मिश्र पार्क में बुलाया था, लेकिन चुनाव आयोग से मुलाकात करने के बाद सोमवार को इस अधिवेशन को स्थगित करने का ऐलान भी कर दिया है। इस अधिवेशन स्थगित होने की पुष्टि शिवपाल यादव ने भी की है।
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