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भूमि कानून में बदलाव किसानों के हित में :बीरेंद्र सिंह

करीब 87 फीसदी सांसदों ने इस योजना के तहत ग्राम पंचायत का चुनाव कर लिया है।

भूमि कानून में बदलाव किसानों के हित में :बीरेंद्र सिंह

नई दिल्ली.केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़ी योजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर हैं। अपने संबोधनों में उनका पूरा जोर इस बात पर रहता है कि गांव में खुशहाली कैसे आए, बेरोजगार युवाओं का शहर की तरफ पलायन कैसे रूके, परियोजनाओं को पूरा करने के लिए जमीन का बंदोबस्त कैसे हो। भूमि बिल पर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हो रहा है। माहौल चुनौतीपूर्ण हैं और अपेक्षाएं ऊंची। पेश हैं केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौ. बीरेन्द्र सिंह से 'हरिभूमि' के विशेष संवाददाता आनंद राणा की खास बातचीत के मुख्य अंश।

सवाल.कांग्रेस भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में किसी भी बदलाव के खिलाफ है। किसान संगठन भी कुछ प्रावधानों को लेकर नाखुश हैं। इस संबंध में आपकी क्या राय है?
सवाल.भूमि कानून में बदलाव देश और किसान के हक में है। कांग्रेस सहित कुछ अन्य राजनैतिक दल किसानों के नाम पर स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस को ये झूठा नाटक बंद करना चाहिए। तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केन्द्र से आग्रह किया था कि परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण कठिन हो गया है क्योंकि 2013 का कानून बहुत ही कठोर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हर हिस्से में खुशहाली और विकास का सपना लेकर आगे बढ़ रहे हैं, परियोजनाओं को पूरा करना है तो जमीन तो चाहिए। संशोधित भूमि बिल में किसानों का पूरा ख्याल रखा गया है। संयुक्त संसदीय समिति में मंथन चल रहा है और मुझे यकीन है कोई राह निकल आएगी।
सवाल.सुप्रीम कोर्ट द्वारा जाट आरक्षण रद्द किए जाने के बाद जाटों में बैचेनी और आक्रोश दिख रहा है। केंद्र सरकार और भाजपा ने जाट आरक्षण के पक्ष में प्रतिबद्धता भी जाहिर की। लेकिन अब जाट समुदाय आंदोलन की तैयारी कर रहा है। आपकी क्या राय है?
जवाब.जी देखिए! जाट आरक्षण पर सरकार और भाजपा की मंशा साफ है। हम चाहते हैं कि जाटों का ओबीसी कोटे में आरक्षण बरकरार रहे। सुप्रीम कोर्ट का मार्च महीने में फैसला आने के बाद केन्द्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की हुई है। थोड़ा संयम रखना होगा। सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रयासरत है। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि जाटों को उनका हक मिलेगा।
सवाल.प्रधानमंत्री मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में 'सांसद आदर्श ग्राम योजना' भी शामिल है। अभी तक इस दिशा में कितना आगे बढ़ा गया है?
जवाब.करीब 87 फीसदी सांसदों ने इस योजना के तहत ग्राम पंचायत का चुनाव कर लिया है। हम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं और इस प्रक्रिया में समय तो लगता ही है। सांसदों द्वारा ग्राम पंचायत चयन के बाद बेस लाइन सर्वे हुआ फिर नोडल अधिकारी के तौर पर संबंधित क्षेत्र के डीसी ने स्थानीय निवासियों के साथ इंटर-एक्शन किया। इसके बाद विलेज डवलपमेन्ट प्लान पर कार्य शुरू होता है। मैंने खुद कई सांसदों के साथ समीक्षा बैठक की हैं। मंत्रालय का पूरा फोकस इस योजना पर है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, पूरा इंटरव्यू-

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