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फडणवीस के नेतृत्व वाले पैनल के बिना बैठक बुलेट ट्रेन को दी मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने अपने उस सूचना अधिकारी को निलंबित कर दिया है, जिसने आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी थी कि मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्‍व वाले एक पैनल ने बिना बैठक किए बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी दे दी थी। बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी देने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।

फडणवीस के नेतृत्व वाले पैनल के बिना बैठक बुलेट ट्रेन को दी मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने अपने उस सूचना अधिकारी को निलंबित कर दिया है, जिसने आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी थी कि मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्‍व वाले एक पैनल ने बिना बैठक किए बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी दे दी थी। बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी देने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।

आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र घडगे ने सूचना के अधिकार के तहत बुलेट ट्रेन की मंजूरी के बारे में जानकारी मांगी थी। इस पर सूचना अधिकारी सारंगकुमार पाटिल ने जानकारी दी कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए बनाई गई फडणवीस के नेतृत्व वाली समिति ने बिना किसी बैठक के ही परियोजना को मंजूरी दे दी थी।

अपनी तरह का यह पहला मामला
सारंग कुमार पाटिल को कथित रूप से 'गलत जानकारी' देने के लिए निलंबित कर दिया गया है। महाराष्ट्र गृह विभाग मामले की जांच कर रहा है। आरटीआई अधिनियम के तहत गलत जानकारी देने के लिए किसी सूचना अधिकारी को निलंबित किए जाने का यह पहला मामला है।
आरटीआई जवाब में कहा गया था कि फडणवीस के नेतृत्व में बुलेट ट्रेन परियोजना का अध्ययन करने के लिए 27 फरवरी, 2017 को राज्य के गृह विभाग ने एक उपसमिति का गठन किया था। इस समिति ने 12 सितंबर 2017 को इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी।

फड़नवीस ने जानकारी को गलत बताया
फडणवीस ने इस जानकारी को गलत बताते हुए कहा कि आरटीआई अधिनियम के तहत चुनिंदा जानकारी मांगी गई थी। राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला लिया। समिति ने बैठकें की थीं, लेकिन बैठकों का कोई विवरण साझा नहीं किया। आरटीआई कार्यकर्ता घडगे ने कहा वह पाटिल के निलंबन से 'स्तब्ध' हैं। उनका मानना है कि पाटिल ने सही जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा बैठक की तारीखें न बताकर मुख्यमंत्री कार्यालय स्पष्ट रूप से गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, फिर भी इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि यह जानकारी गलत है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही पाटिल का निलंबन रद्द हो जाएगा। फडणवीस और महाराष्ट्र के गृह विभाग के अधिकारियों से इस मामले पर कोई भी टिप्पणी नहीं मिल सकी है।
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