Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

महाभियोग प्रस्ताव: कांग्रेस के आरोपों पर बोले नायडू, कहा- नोटिस जल्दबाजी में खारिज नहीं किया

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को नामंजूर करने का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया।

महाभियोग प्रस्ताव: कांग्रेस के आरोपों पर बोले नायडू, कहा- नोटिस जल्दबाजी में खारिज नहीं  किया
X

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने देश के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस के महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को नामंजूर करने में जल्दबाजी दिखाने के आरोपों को नकार दिया है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को नामंजूर करने का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया।

एक महीने से ज्यादा समय तक विचार विमर्श और विधि विशेषज्ञों से चर्चा करने के बाद भारतीय संविधान और जजेस इंक्वायरी एक्ट-1968 के प्रावधानों के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है।

इसे भी पढ़ें- ममता बनर्जी ने कहा- CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाना कांग्रेस की गलती

राज्यसभा के सभापति नायडू ने कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन किया है और वो इससे पूरी तरह संतुष्ट भी हैं। इस मसले पर चर्चा करने को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के 10 वकीलों ने उपराष्ट्रपति नायडू से मुलाकात की थी।

इसके बाद नायडू का यह बयान सामने आया है। वकीलों ने कहा कि यह पहली बार है, जब संसद के किसी सदन के प्रमुख ने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को खारिज किया है।

बचा ली सीजेआई और सुको की गरिमा

इस बीच सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को नामंजूर किए जाने के फैसले की तारीफ की। साथ ही कहा कि कांग्रेस के महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को खारिज करने का फैसला लेकर सभापति वेंकैया नायडू ने चीफ जस्टिस के पद और सर्वोच्च न्यायालय के कार्यालय की गरिमा को बचाया है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेसी शाह के खिलाफ ऐसे ही एक महाभियोग प्रस्ताव की नोटिस को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जेसी ढिल्लों ने खारिज कर दिया था। इसके बाद न्यायमूर्ति शाह चीफ जस्टिस बने थे।

इसे भी पढ़ें- जोधपुर: रेप केस में आसाराम के खिलाफ आज आएगा फैसला, जेल को बनाया कोर्ट

प्रशंसा और अलोचना की चिंता हीं जो उम्मीद वही किया

नायडू ने कहा कि मैं इस बात की फिक्र नहीं करता हूं कि इससे प्रशंसा मिलेगी। मुझसे जो उम्मीद थी, मैंने वही किया। राज्यसभा के सभापति के रूप में यही फैसला लेने की उम्मीद थी।

सदन के कुछ सदस्यों का अपना नजरिया है और इस पर बात रखने का अधिकार भी है, लेकिन मेरे ऊपर इस पर फैसला लेने की जिम्मेदारी है। मैंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया और इस फैसले से संतुष्ट हूं।

उन्होंने कहा कि मीडिया में एक महीने से ज्यादा समय से चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को लेकर चर्चा हो रही है। नायडू ने कहा कि मीडिया में खबर आने के बाद से ही मैं महाभियोग प्रस्ताव के प्रावधानों, प्रक्रिया और ऐसे गंभीर मुद्दे पर पहले के मामलों का अध्ययन कर रहा हूं। साथ ही महाभियोग प्रस्ताव पर समय पर फैसला लेने पर भी काम कर रहा हूं।

प्रस्ताव में 7 विपक्षी दल थे शामिल

कांग्रेस के नेतृत्व में सात विपक्षी दल, इनमें कांग्रेस सीपीएम, सीपीआई, एसपी, बीएसपी, एनसीपी और मुस्लिम लीग की ओर से चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया गया था, जिसको राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया।

इसके बाद से मामले को लेकर उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस पर लिए गए उनके निर्णय को जल्दबाजी में लिया गया करार दिया है। यही नहीं कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की भी बात कही है।

इनपुट- भाषा

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story