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जानें आखिर कांग्रेस की तारीफ करने के पीछे क्या है संघ का प्लान, किसको होगा फयदा और नुकसान

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानि आरएसएस का दिल्ली में 3 दिवसीय मंथन शिविर जारी है। जहां संघ बीजेपी समेत कई प्रसिद्ध लोग यहां पहुंच रहे हैं। बीते सोमवार संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कांग्रेस की खुलकर तारीफ की।

जानें आखिर कांग्रेस की तारीफ करने के पीछे क्या है संघ का प्लान, किसको होगा फयदा और नुकसान
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राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानि आरएसएस का दिल्ली में 3 दिवसीय मंथन शिविर जारी है। जहां संघ बीजेपी समेत कई प्रसिद्ध लोग यहां पहुंच रहे हैं। बीते सोमवार संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कांग्रेस की खुलकर तारीफ की।

मोहन भागवत ने कांग्रेस की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि बदौलत देश की स्वतंत्रता के लिए सारे देश में एक आंदोलन खड़ा हुआ। जिसमें कांग्रेस की सबसे अहम भूमिका रही। कांग्रेस से जुड़कर देश की आजादी में योगदान देने वाले त्यागी महापुरूषों की प्रेरणा भी लोगों के जीवन को प्रेरित करती है।

इसी बीच मंथन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संघ के कार्यक्रम को लेकर न्योता आने को लेकर भी काफी बवाल मचा था। यह पहला मौका नहीं था जब कांग्रेस के किसी नेता को संघ के कार्यक्रम में बुलाया गया हो। वहीं लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी को भी भेजने पर विवाद चला था। देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी संघ के कार्यक्रम में जा चुके हैं।

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संघ के कार्यक्रम में ये लोग पहुंचे

नवाजुद्दीन सिद्दीकी, फिल्मकार मधुर भंडारकर, अनु मलिक, अन्नू कपूर और मनीषा कोइराला, नरेंद्र जाधव, अमर सिंह,पीपी चौधरी, राम माधव और ए सर्यप्रकाश जैसे लोग दिल्ली में संघ के कार्यक्रम में पहुंचे।

प्रणब दा को लेकर कांग्रेस ने साधा था निशाना

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी कांग्रेस ने निशाना साधा था। कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा कि सभी भारतीयों के लिए यह जानना जरूरी है कि संघ ऐतिहासिक रूप से है क्या और आज क्या सोचता है। इसनकी विचारधारा भारत विरोधी है।

क्या है संघ

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक हिंदू विधारधारा रखने वाला संघ है। जो 9 दशकों बाद दुनिया के सबसे बड़े संगठन के रूप में खुद को स्थापित कर चुका है। वहीं अब इसके 50 लाख से ज्यादा के स्वयंसेवक है।

लेकिन आखिर क्यों कांग्रेस और संघ के बीच इतना विवाद हमेशा से रहा है। इसकी असल विवाद है कि आने वाले विधानसभा चुनाव 2019 की है। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को 2014 की तरह फतह करने के लिए बीजेपी की फिर से जीत के लिए एक नई प्लानिंग कर रही है। इस बार का चुनाव बीजेपी नहीं बल्कि संघ और कांग्रेस के बीच होने जा रहा है।

यहां सवाल उठता है कि आखिर इस बार चुनाव से पहले संघ कांग्रेस को लेकर क्या प्लानिग कर रही है जिससे कांग्रेस को फायदा होगा या फिर नुकसान। यह तो 2019 के परिणाम ही बताएंगे। लेकिन पहले जान लेते हैं कि आखिर किसको होगा फायदा और नुकसान किसको होगा।

संघ को फायदा और नुकसान

1. साल 2019 का लोकसभा चुनाव संघ के लिए बहुत अहम है क्योंकि बीजेपी में सबसे ज्यादा संघ के ही लोग हैं जो पार्टी को चला रहे हैं। ऐसे में संघ इन डायरेक्ट बीजेपी के लिए काम कर रही है। जिससे एक हिंदूवादी माहौल बनाया जाएगा। जिसका फायदा संघ ही नहीं बीजेपी को भी होगा

2. इस बार संघ में कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी भी पहुंचे। जिन्होंने संघ की तारीफ की लेकिन इससे कांग्रेस में हलचल मच गई। किसी कांग्रेस नेता के पहली बार संघ कार्यक्रम में पहुंचने पर देश ही नहीं विदेश में भी सभी की नजरे थी। इसका फायदा भी संघ को चुनाव के दौरान ही पता चलेगा।

3. संघ जहां बीजेपी को जीत के लिए प्लानिंग बना रही है और कांग्रेस नेताओं क बुला रही है इसको लेकर एक चीज साफ है कि वो कांग्रेस की एक तस्वीर चुनाव के दौरान पेश कर सकती है। जिसका संघ को फायदा या नुकसान होगा।

कांग्रेस को फायदा और नुकसान

1. कांग्रेस हमेशा से ही संघ पर निशाना साधती रही है और इसके अलावा वो संघ को बीजेपी के पीछे से काम करने वाली संस्था बताती रही है। इस वक्त कांग्रेस को सिर्फ बीजेपी से ही नहीं संघ से भी युद्ध करना होगा। कांग्रेस हमेशा संघ के हिंदूवादी बयान को लेकर निशाना साधती रही है। जिसका नुकसान चुनावा के दौरा हो सकता है।

2. संघ के कार्यक्रम में कांग्रेस के बड़े नेताओं के जाने से जनता के बीच क्या मैसेज जा रहा है उसका पता भी चुनाव से पहले ही पता चल जाएगा। लेकिन इस बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने आपको पूरी तरफ तैयार कर लिया है। वो भी बीजेपी की राहत पर चल रहे हैं। यहीं नहीं सोशल मीडिया पर भी एक्टिग नजर आ रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी के ये काम बीजेपी के लिए फायदे मंद हो सकते हैं लेकिन बीजेपी संघ के हिंदू वादी बयान की आलोचना करना उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है।

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