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रोहिंग्या मुसलमानों के लिए इन लोगों का छलका दर्द, पीएम मोदी को लिखी दर्दभरी चिट्ठी

रोहिंग्या शरणार्थियों पर शुक्रवार 13 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

रोहिंग्या मुसलमानों के लिए इन लोगों का छलका दर्द, पीएम मोदी को लिखी दर्दभरी चिट्ठी

भारत में इस समय रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर काफी गर्मागर्मी है। रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार वापस भेजने के लिए और पनाह देने के लिए काफी विवाद हुए हैं। शुक्रवार 13 सितंबर को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है।

रोहिंग्या मुसलमानों को देश में पनाह न देने के सरकार के फैसले के खिलाफ बहुत से प्रसिद्ध लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में पीएम मोदी से आग्रह किया गया है कि रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत में ही रहने दिया जाए।

सरकार को दुनियाभर के सामने मानवता की मिसाल पेश करनी चाहिए और रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस नहीं भेजना चाहिए। पूरी दुनिया में ज्वलनशील बने चुके इस मुद्दे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है जिसपर फैसले का सभी को इंतजार है।

पीएम मोदी को भेजी गईं चिट्ठियों में कहा गया है कि रखाइन से अपना घर छोड़कर आए हजारों रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सरकार इन को एक कड़ा फैसला लेना चाहिए। इस पत्र पर 51 बड़ी हस्तियों ने अपने हस्ताक्षर करके पीएम मोदी को भेजा है। दो पन्नों के इस पत्र को ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन एम्नेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने तैयार किया है।

बता दें कि भारत सरकार का रोहिंग्या मुसलमानों का इंटर सर्विसेज (ISI) और इस्लामिक स्टेट (IS) के साथ संबंध बताए जाने और देश के लिए खतरा कहे जाने पर एक रोहिंग्या शराणार्थी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है।

हलफनामे में रोहिंग्या शरणार्थियों ने कहा कि उनके साथ भी तिब्बतियों और श्रीलंका के शरणार्थियों की तरह ही बर्ताव किया जाए। उन्होंने कहा है कि रोहिंग्या का आईएसआई और इस्लामी स्टेट जैसे किसी भी आतंकी संगठन से कोई संपर्क नहीं है। भारत में ऐसा कोई रोहिंग्या नहीं है जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल है।

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