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वाड्रा ने अवैध तरीके से कमाए 50 करोड़ः रिपोर्ट

वाड्रा ने यह मुनाफा बिना एक पैसा खर्च किए कमाए।

वाड्रा ने अवैध तरीके से कमाए 50 करोड़ः रिपोर्ट
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सोनिया गांधी के दामाद और राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा ने साल 2008 में हरियाणा में एक लैंड डील में गैरकानूनी रुप से 50 करोड़ रुपए का मुनाफा बनाया था, जब कि उस लैंड डील में उनका एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ था, लेकिन अब इसी कमाई से चक्कर में वाड्रा फंसते नजर आ रहे हैं।

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार द्वारा 2015 में गठित किए गए ढींगरा आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। वाड्रा की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए सांठगांठ की गई थी।

ढींगरा आयोग को गुड़गांव के चार गांवों में लैंड यूज बदलने के लिए लाइसेंस दिए जाने की जांच करने को कहा गया था।

इसमें वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए लाइसेंस की जांच भी शामिल थी। आयोग ने 31अगस्त, 2016 को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। आयोग की रिपोर्ट को राज्य सरकार ने सीलबंद लिफाफे में पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया था।

बताया जा रहा है कि जस्टिस एसएन ढ़ीगरा कमीशन इस नतीजे पर पहुंचा है। कमीशन की रिपोर्ट की जानकारी रखने वाले लोगों ने उसके ब्योरे के बारे में ईटी को जानकारी दी है।

बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुडडा ने ढींगरा आयोग के गठन को संवैधानिक चुनौती दी थी। हुड्डा ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर आरोप लगाया था कि हरियाणा सरकार के कुछ अधिकारियों ने ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को लीक कर दिया हैं।

फायदे के लिए सांठगांठ

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कमीशन के हवाले से कहा है कि वाड्रा की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए सांठगांठ की गई थी। आयोग ने वाड्रा और उनकी कंपनियों की ओर खरीदी गई प्रॉपर्टीज की जांच करने को कहा है।

ईटी के सवालो का एक ई-मेल में जवाब देते हुए स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी के वकील सुमन खेतान ने कहा कि वाड्रा और स्काई लाइट ने कोई गलत हरकत नहीं की थी और किसी कानून का उल्लघंन नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन पैसा चुका कर खरीदी गई थी और इंनकम टैक्स का पेमेंट भी किया गया था।

मई 2015 में हुअा थ कमीशन का गठन

ढ़ीगरा कमीशन का गठन मई 2015 में हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने किया था। आयोग के गुड़गांव के चारों गांव में लैंड यूज बदलने के लिए लाइसेंस दिए जाने की जांच का जिम्मा दिया गया।

इसमें वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए लाइसेंस की जांच भी शामिल थी। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में साल 31अगस्त, 2016 को दी थी। प्रदेश सरकार ने उस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के पास एक सील्ड कवर में पिछले सप्ताह भेजा था।

जस्टिस एके गोयल और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने लैंंड डील से जुड़ी एक लंबित याचिका के सिलसिले में रिपोर्ट मांगी थी। हरियाण के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने ढ़ीगरा कमीशन को बनाए जाने की संवैधानिकता को चुनौती दी थी।

रिपोर्ट लीक होने का सवाल ही नहीं

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ढींगरा आयोग की रिपोर्ट लीक होने के आरोप के मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि रिपोर्ट लीक होने का सवाल ही नहीं उठता है। अगर फिर भी कोई आरोप है तो ये जांच का विषय है।

इस पूरे मामले में मेरा अपने पति से कोई संबंध नहीं: प्रियंका

प्रियंका की ओर से कहा गया है कि हरियाणा में जमीन खरीदने के लिए सारा पैसा प्रियंका ने खुद भरा। उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी सेमिली पुश्तैनी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किया था। खरीदी गई इस जमीन के लिए प्रियंका गांधी ने खुद पैसा भरा है और इस पैसे का उनके पति रॉबर्ट वाड्रा या स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और डीएलएफ कंपनी से कोई संबंध नहीं है।

रिपोर्ट से पीएमओ का लेना-देना नहींरॉबर्ट वाड्रा जमीन मामले से जुड़े जस्टिस ढींगरा कमीशन रिपोर्ट में पीएमओ और सीएमओ की कोई भूमिका नहीं है। वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री

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