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आज की बेटी: पारम्परिक रीति रिवाजों को किया दरकिनार, पुत्रियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा

रीति रिवाजों की मान्यताओं को तोड़ते हुए बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि

आज की बेटी: पारम्परिक रीति रिवाजों को किया दरकिनार, पुत्रियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा
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छिंदवाड़ा. वर्तमान के इस दौर में बेटा व बेटियों में कोई अंतर नहीं रह गया है। इसका उदाहरण मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव तहसील में घटित एक घटना में देखने को मिला । जहां पर हिंदु धर्म के पारम्परिक रीति रिवाजों की मान्यताओं को तोड़ते हुए अपने घर में किसी पुरूष सदस्य के ना होने के कारण अपने पिता की अर्थी को कांधा देकर अनुकरणी कार्य किया है।
जुन्नारदेव में वैश्य परिवार में हुई इस अप्रत्याशित घटना से वहां भाव भीना माहौल बन गया व उपस्थित लोगों की आंखो में नमी आ गई। जुन्नारदेव में वार्ड क्रमांक 9 में निवास रत 50 वर्षीय श्रीकांत वैश्य बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके स्वास्थ की देखभाल उनकी पत्नी तथा चार पुत्रिया कु शैल कुमारी, कु सोनम,कु प्रयंका तथा कु शिवानी के द्वारा की जा रही थी। शुक्रवार शाम को उपचार हेतु नागपुर ले जाने के दौरान ही श्रीकांत वैश्य की मृत्यु हो गई।
उनका पार्थिव शरीर को वापस घर लाने के बाद इस विषय पर मंथन शुरू हो गया की बेटे के अभाव में अब उनकी चिता को अग्नि कौन देगा। इन सवालों के जवाब को डूंड रहा वैश्य परिवार व वार्डवासियों को वहां उपस्थित वैश्य परिवार की जैष्ठ पुत्री शैल कुमारी के द्वारा भी जिग्यासा वस इस सवाल का जबाव देने की इच्छा जाहिर की गई उसमें यह तय किया गया की अब मृत्य पिता श्रीकांत वैश्य के शरीर को मुखाग्नि उनकी बडी पुत्री शैल कुमारी के द्वारा ही दी जावेगी।
जिस पर परिजनों तथा वार्डवासियों ने आम सहमति दी। इसके पश्चात शुक्रवार प्रात: 10 बजे सर्व प्रथम भारतीय रीति रिवाज के अनुसार मृतक के परिजनों के द्वारा घर से उनकी अर्थी को चारो पुत्रियों के द्वारा उठाकर अंतिम बिदाई के लिये मोक्षधाम के लिये रवाना हो गए। इस दौरान मुखाग्नि देने के लिये अर्थी के आगे श्रीकांत वैश्स की बड़ी पुत्री शैल कु. चल रही थी। यह मरमिक दृश्य देखकर वार्ड 9 से मोक्षधाम तक के रास्तें में माहौल अत्यंत ही भावभीन तथा गमगीन हो गया था।
अपने पिता के शरीर को लेकर चल रही यह चार पुत्रियों को देखकर हर व्यक्ति की आंखे नम हो चली थी, लेकिन विधी के विधान के बावजूद बेटियों की इस संकल्पना को हर व्यक्ति उनके जजबे को सलाम कर रहा था। इसके पश्चात स्थानीय मोक्षधाम में भारतीय परम्परा के अनुसार चारो पुत्रियों के द्वारा अपने पिता के शरीर की परिक्रमा कर उन्हें उपस्थित लोगो के बीच मुखाग्नि दिये जाने पर माहौल करूणा से भर गया। मोक्षधाम में उपस्थित भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव ने वैश्य परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य शासन से यथोचित मदद प्रदान किये जाने के आश्वासन भी दे दिया है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए,
बेटी बचाओ अभियान-

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