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अब सस्ता होगा कर्ज लेना, रिजर्व बैंक ने की रेपो रेट में .25 प्रतिशत की कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 महीने में पहली बार नीतिगत दर में कटौती की है। इससे आवास, वाहन और अन्य कर्ज सस्ते होने की उम्मीद बंधी है। इसके साथ ही किसानों के लिए गारंटी फ्री कर्ज की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.60 लाख रुपए कर दी है।

अब सस्ता होगा कर्ज लेना, रिजर्व बैंक ने की रेपो रेट में .25 प्रतिशत की कटौती
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भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 महीने में पहली बार नीतिगत दर में कटौती की है। इससे आवास, वाहन और अन्य कर्ज सस्ते होने की उम्मीद बंधी है। इसके साथ ही किसानों के लिए गारंटी फ्री कर्ज की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.60 लाख रुपए कर दी है। यानी, अब किसानों को 1.60 लाख रुपए तक का कर्ज लेने के लिए कोई गारंटी देने की जरूरत नहीं होगी।

नए गवर्नर शक्तिकांत दास के नेतृत्व में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की पहली बैठक में मुद्रास्फीति की नरमी को ध्यान में रखते हुए बहुमत के आधार पर नीतिगत ब्याज दर ‘रेपो' को 0.25 प्रतिशत घटा कर 6.25 प्रतिशत करने का निर्णय किया गया। रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को एक दिन के लिए नकद धन उपलब्ध कराता है।

इस दर के कम होने से बैंकों के लिए धन सस्ता होगा और वे आने वाले दिनों में मकान, वाहन तथा अन्य निजी वस्तुओं की खरीद और उद्योग धंधे के लिए कर्ज सस्ता कर सकते हैं।

केंद्रीय बैक का यह निर्णय मध्यम वर्गीय करदाताओं और छोटे किसानों की आय बढ़ाने वाले आंतरिक बजट के ठीक बाद आया है। इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने के सरकार के प्रयासों को बल मिलने की उम्मीद है। अंतरिम बजट में सरकार ने पांच लाख रुपए तक की कर योग्य आय को छूट देकर कर मुक्त करने के साथ ही दो हेक्टेयर से कम की जोत वाले किसानों के लिए 6,000 रुपए वार्षिक की आय समर्थन योजना की घोषणा की है।

एक साल में इससे कुल मिलाकर 75,000 करोड़ रुपए की मदद पहुंचने का अनुमान है। रिजर्व बैंक ने अपने नीतिगत दृष्टिकोण को भी नरम करके ‘तटस्थ‘ कर दिया है। अभी तक उसने मुद्रास्फीति के जोखिम के मद्देनजर इसे ‘ नपी-तुली कठोरता' वाला कर रखा था। इससे संकेत मिलता है कि रिजर्व बैंक आगे चल कर रेपो दर में और कमी कर सकता है।

केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के लगातार नीचे बने रहने के मद्देनजर बाजार में कर्ज सस्ता करने वाला यह कदम उठाया है। खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर 2018 में 2.2 प्रतिशत थी जो इसका 18 माह का निम्नतम स्तर है। रेपो दर में 0.25 प्रतिशत कटौती के साथ ही रिवर्स रेपो दर भी इतनी ही घटकर 6 प्रतिशत रह गई। इसके साथ ही बैंक दर और सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) 6.50 प्रतिशत पर आ गई।

किसानों को फायदा

किसानों के लिए गारंटी फ्री कर्ज की सीमा 2010 में 1 लाख रुपए सीमा की गई थी। आरबीआई ने महंगाई बढ़ने और किसानों की लागत बढ़ने का ध्यान रखते हुए सीमा बढ़ाने का फैसला लिया है।

गारंटी फ्री कर्ज की सीमा अब 1 लाख 60 हजार रुपए किया जाएगा। इस फैसले से खासकर उन किसानों को फायदा हो, जिनके पास खेती योग्य जमीन नहीं है। इसे बढ़ाने का सर्कुलर जल्द जारी किया जाएगा। कृषि कर्ज से जुड़े मामलों को देखने के लिए वर्किंग ग्रुप का गठन भी किया जाएगा।

वित्त मंत्री बोले- अर्थव्यवस्था को फायदा

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेपो रेट में कमी और आउटलुक न्यूट्रल करने के आरबीआई के फैसले से अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। छोटे कारोबारियों और घर खरीदारों के लिए सस्ते लोन की राह आसान होगी। इससे रोजगार भी बढ़ेंगे।

आरबीआई के अन्य फैसले

बल्क डिपॉजिट के मायने बदलते हुए आरबीआई ने इसे 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए कर दिया है। यानि अब 2 करोड़ रुपए या इससे ज्यादा की रकम जमा करवाने पर उसे बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। कॉरपोरेट डेट मार्केट में विदेशी निवेशकों (एफपीआई) के लिए पाबंदिया खत्म कर दी गई हैं।

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