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Reservation News : सामान्य वर्ग में भी केवल इन्हें मिलेगा आरक्षण, जानें भारत में आरक्षण का हाल

Reservation News मोदी सरकार (Modi Government) ने लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Chunav 2019) से पहले बड़ा दांव चला। सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण (Reservation For General Category) का ऐलान किया है, केंद्र सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए सरकारी नौकरी (Reservation In Promotion) और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण (Reservation For Upper Caste) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Reservation News : सामान्य वर्ग में भी केवल इन्हें मिलेगा आरक्षण, जानें भारत में आरक्षण का हाल

Reservation News

मोदी सरकार (Modi Government) ने लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Chunav 2019) से पहले बड़ा दांव चला। सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण (Reservation For General Category) का ऐलान किया है, केंद्र सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए सरकारी नौकरी (Reservation In Promotion) और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण (Reservation For Upper Caste) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भारत में आरक्षण (Reservation In India) की बात करें तो 1901 में कोल्हापुर रियासत के छत्रपति शाहूजी महाराज ने भारत में आरक्षण (Reservation In India) की व्यवस्था की थी। आरक्षण की खबर (Reservation News) जैसे ही बताई गई गूगल पर तेजी से ट्रेंड (Google Trend) होने लगी। सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पास किया गया। यह 10 फीसदी आरक्षण (Reservation) मौजूदा 49.5 फीसदी कोटे के अलावा होगा।

किसे कितना आरक्षण (Reservation Percentage)

वर्ग आरक्षण

ओबीसी 27%

एससी 15%

एसटी 7.5%

सामान्य 10%

कुल 59.5%

सामान्य वर्ग में इन्हें मिलेगा लाभ (reservation and its impact on society)

सालाना आय 8 लाख से कम हो

5 हेक्टेयर से कम की खेती की जमीन हो

1000 स्क्वायर फीट से कम का घर हो

निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो

209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो

जो किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे

इन्हें नहीं होगा फायदा

जिस व्यक्ति के पास तय सीमा से अधिक संपत्ति होगी, उसे इस संशोधन का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा जिनके पास सरकारी जमीन (डीडीए, निगम की जमीन) पर अपना मकान होगा, उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। 

reservation system

केंद्र सरकार आरक्षण के इस नए फॉर्मूले को लागू करने के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाएगी। सरकार मंगलवार को इस संबंध में संसद में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है। यह मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा। सूत्रों ने कहा कि सामान्य वर्ग को अभी आरक्षण हासिल नहीं है।

सूत्र ने बताया, आरक्षण आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे गरीब लोगों को दिया जाएगा जिन्हें अभी आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है। आरक्षण का लाभ उन्हें मिलने की उम्मीद है जिनकी वार्षिक आय आठ लाख रुपए से कम होगी और पांच एकड़ तक जमीन होगी। सूत्रों ने बताया कि फैसले को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करना होगा।

गौरतलब है कि भारतीय संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकार के पास गेमचेंजर माने जा रहे मूव को अमलीजामा पहनाने के लिए संविधान संशोधन ही एकमात्र रास्ता है। कैबिनेट से यह प्रस्ताव मंजूर होते ही कांग्रेस, एनसीपी और आम आदमी पार्टी ने इसका समर्थन किया है।

बता दें कि 2018 में एससी/एसटी एक्ट को लेकर जिस तरह मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया था, उससे सवर्ण खासा नाराज बताया जा रहा था। मंगलवार को मोदी सरकार संविधान संशोधन बिल संसद में पेश कर सकती है। बता दें कि मंगलवार को ही संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है।

अब आगे क्या

गौरतलब है कि मोदी सरकार (Narendra Modi) ये आरक्षण आर्थिक आधार पर ला रही है, जिसकी अभी संविधान में व्यवस्था नहीं है। संविधान में जाति के आधार पर आरक्षण की बात कही गई है, ऐसे में सरकार को इसको लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव किया जाएगा. दोनों अनुच्छेद में बदलाव कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का रास्ता साफ हो जाएगा।

आरक्षण का फॉर्मूला (Reservation Formula)

सूत्रों के मुताबिक आरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59.5 प्रतिशत किया जाएगा। इसमें से 10 फीसदी कोटा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए होगा। बताया जाता है कि लंबे समय से आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण की मांग की जा रही थी।

मंत्री बोले- बड़े तबके को मिलेगा लाभ

सरकार का ये फैसला काफी अच्छा है, इससे समाज के एक बड़े तबके को लाभ होगा। सवर्णों में भी कई ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। (रामदास अठावले, केंद्रीय मंत्री)

विपक्ष ने भी किया समर्थन

कैबिनेट से यह प्रस्ताव मंजूर होते ही कांग्रेस, एनसीपी और आम आदमी पार्टी ने इसका समर्थन किया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, कांग्रेस पार्टी हमेशा से आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों के आरक्षण और उत्थान की समर्थक रही है।

दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं हो और इसके साथ ही आर्थिक गरीबों के बच्चों को शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण मिले, हम इसमें समर्थन एवं सहयोग करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, 50 फीसदी से ज्यादा न हो (Reservation Supreme Court)।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ किया था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या इनके अलावा किसी भी अन्य विशेष श्रेणी में दिए जाने वाले आरक्षण का कुल आंकड़ा 50फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। हालांकि, जुलाई 2010 के अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ठोस वजह होने पर राज्य सरकार इसे बढ़ा सकती है। मौजूदा समय में तमिलनाडु में 69फीसदी (50फीसदी ओबीसी और 18फीसदी एसटी) आरक्षण है।

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