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गणतंत्र दिवस निबंध 2019: जानिए लोकतंत्र और गणराज्य में क्या है अंतर

भारत का गणतंत्र दिवस (Republic Day 2019) हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को देश में भारत का संविधान (Constitution Of India) पूरी तरह लागू हो गया था। इस दिन भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था। हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता कि यह मनाया क्यों जाता है। जिन्हें यह पता होता है उनमें से ज्यादातर गणतंत्र (Republic) का मतलब नहीं जानते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि गणतंत्र और लोकतंत्र में क्या अंतर है (Difference Between republic and democracy)। और भारत में गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है, लोकतंत्र दिवस क्यों नहीं।

गणतंत्र दिवस निबंध 2019: जानिए लोकतंत्र और गणराज्य में क्या है अंतर
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Republic Day 2019
भारत का गणतंत्र दिवस 2019 (Republic Day 2019) हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को देश में भारत का संविधान (Constitution Of India) पूरी तरह लागू हो गया था। इस दिन भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था। हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता कि यह मनाया क्यों जाता है। जिन्हें यह पता होता है उनमें से ज्यादातर गणतंत्र (Republic) का मतलब नहीं जानते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि गणतंत्र और लोकतंत्र में क्या अंतर है (Difference Between republic and democracy)। और भारत में गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है, लोकतंत्र दिवस क्यों नहीं।

लोकतंत्र क्या है

लोकतंत्र का मतलब होता है लोगों का शासन। संस्कृत में लोक का मतलब होता है जनता और तंत्र का मतलब होता है शासन। लोकतंत्र या प्रजातंत्र में लोग अपने वोट से नेता को एक निश्चित अवधि के लिए चुनते हैं। लोकतंत्र में लोगों को अधिकार होता है कि वह अपना नेता बदल सकें। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। हर पांच साल पर लोग अपना नेता चुनते हैं। लेकिन भारत का लोकतांत्रिक होना इसकी खासियत नहीं है। इसकी खासियत है कि यह लोकतांत्रिक गणराज्य है।

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गणराज्य क्या है

गणराज्य उस देश को कहते हैं जहां प्रथम नागरिक या कहें सर्वोच्च पद (राष्ट्रपति) के लिए चुनाव होता हो। वह पद किसी परिवार का नहीं होता है। जैसे भारत में राष्ट्रपति का पद सबसे बड़ा है। भारत में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से ही कोई भी बिल या संविधान संशोधन पारित होता है।
राष्ट्रपति के पद की खातिर चुनाव होता है। राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच सालों के लिए होता है। लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां लोकतंत्र तो है लेकिन वह गणराज्य नहीं हैं। जैसे ब्रिटेन, जापान, जमैका, जॉर्डन, कुवैत, स्वीडन, स्पेन आदि। इन देशों में लोकतंत्र तो है।

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यानी लोगों को अधिकार है कि वह अपने सांसदों को चुन सकें। लेकिन संसद जो भी बिल पास करेगी उस पर अंतिम मुहर राजा या रानी की होगी। यानी संसद तो है लेकिन ताकत राजशाही के हाथ में है। अब शायद आपको पता लग गया होगा कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक गणराज्य में क्या अंतर है। देखा जाए तो संविधान की प्रस्तावना में ही देश की मूल भावना निहित है।

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