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गणतंत्र दिवस पर गूगल ने डूडल बनाकर बढ़ाया देश का मान, जानिए क्या है भारतीय संविधान

गूगल ने भी भारत के 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इसके सम्मान में डूडल बनाया है।

गणतंत्र दिवस पर गूगल ने डूडल बनाकर बढ़ाया देश का मान, जानिए क्या है भारतीय संविधान

पूरे भारत में आज गणतंत्र दिवस हर्षो-उल्लास से मनाया जा रहा है। लोग इस मौके पर एक-दूसरे से मिलकर बधाई देने के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी बधाइयां दे रहे हैं। बधाइयों के इस मौके पर सर्च इंजन गूगल भला कैसे पीछे रह सकता था। गूगल ने भी भारत के 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इसके सम्मान में डूडल बनाया है।

डूडल में भारत के झंडे का रंग ऊपर और नीचे लिया गया है। वहीं बीच में विभिन्न प्रकार के नीले रंगों से भारतीयता की झलक दिखाई गई है। डूडल में भारत के शास्त्रीय संगीत को जगह दी गई है, इसमें बांसुरी और सिंघा बजाते हुए दिखाया गया है। इसमें हाथी और ऊंट भी शामिल हैं जो प्राचीन काल से ही भारत की परंपरा का हिस्सा रहे हैं।

इस डूडल के माध्यम से भारत की विविधता की झलक साफ दिख रही है। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था और इस मौके पर गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर राजपथ पर भारत के राज्यों की झांकियां निकाली जाती है और परेड का आयोजन होता है।

क्या है भारतीय संविधान

  • भारत का संविधान ही भारत का सर्वोच्च विधान है, जो संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को पारित हुआ था लेकिन 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ।
  • यह दिन (26 नवंबर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है, जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इस प्रकार वास्‍तविक कार्यकारी शक्ति मंत्रिपरिषद् में निहित है जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री है जो वर्तमान में नरेंद्र मोदी हैं।
  • द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद जुलाई 1945 में ब्रिटेन ने भारत संबन्धी अपनी नई नीति की घोषणा की तथा भारत की संविधान सभा के निर्माण के लिए एक कैबिनेट मिशन भारत भेजा जिसमें 3 मंत्री थे।
  • 15 अगस्त 1947 को भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1946 से आरम्भ कर दिया।
  • संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे।
  • इस संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी।
  • भारत के संविधान के निर्माण में डॉ भीमराव अम्बेडकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें 'संविधान का निर्माता' कहा जाता है। संविधान को 26 जनवरी1950 को लागू किया गया था।
  • भारतीय संविधान में वर्तमान समय में 395 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियां हैं और ये 22 भागों में विभाजित है। परन्तु इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियां थीं।
  • भारतीय संविधान का संशोधन भारत के संविधान में परिवर्तन करने की प्रक्रिया है। एक संशोधन के प्रस्ताव की शुरुआत संसद में होती है जहाँ इसे एक बिल के रूप में पेश किया जाता है।भारतीय संविधान में अब तक 101 बार संशोधन किया जा चुका है।

संविधान की प्रस्तावना:

हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा

उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए

दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई0 (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी) को एतदद्वारा

इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

संविधान की प्रस्तावना 13 दिसम्बर 1946 को जवाहर लाल नेहरू द्वारा पास की गयी प्रस्तावना को आमुख भी कहते हैं।

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