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Republic Day 2019: भारतीय संविधान की बस इन 11 बातों को मान लें तो भारत स्वर्ग हो जाए

26 जनवरी 2019 को भारत 69वां गणतंत्र दिवस मनाएगा (Republic Day 2019)। 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ था। इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है। भारत के संविधान में भारत के नागरिक को ढेर सारे अधिकार दिए गए हैं। उन मूल अधिकारों (Fundamental Rights) के कारण इस विविधता से भरे देश में हर नागरिक एक समान है। पूरे संविधान की मूल भावना को देखें तो उसमें भारत को आगे बढ़ाने का सूत्र है। संविधान में नागरिकों को मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) तो दिए हैं। लेकिन साथ ही साथ कुछ मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) भी हैं। जिन्हें माना जाए तो हमारा देश सच में स्वर्ग बन सकता है।

Republic Day 2019: भारतीय संविधान की बस इन 11 बातों को मान लें तो भारत स्वर्ग हो जाए
Republic Day 2019 Indian Constitution Fundamental Duties
26 जनवरी 2019 (26 January 2019) को भारत 69वां गणतंत्र दिवस मनाएगा (Republic Day 2019)। 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ था। इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है। भारत के संविधान में भारत के नागरिक को ढेर सारे अधिकार दिए गए हैं। उन मूल अधिकारों (Fundamental Rights) के कारण इस विविधता से भरे देश में हर नागरिक एक समान है। पूरे संविधान की मूल भावना को देखें तो उसमें भारत को आगे बढ़ाने का सूत्र है। संविधान में नागरिकों को मौलिक अधिकार (
Fundamental Rights
) तो दिए हैं। लेकिन साथ ही साथ कुछ मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) भी हैं। जिन्हें माना जाए तो हमारा देश सच में स्वर्ग बन सकता है। क्योंकि न तब यहां झगड़ा होगा। न ही बवाल। संविधान के भाग 4 के 51वें अनुच्छेद में नागरिकों को मौलिक कर्तव्य के बारे में बताया गया है। जानिए कौन से हैं वो मौलिक कर्तव्य।

संविधान में नागरिकों के मौलिक कर्तव्य

  • संविधान में लिखा है कि भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें।
  • स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखें और उनका पालन करें।
  • भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण रखें।
  • देश की रक्षा करें और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करें।
  • भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे। जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो, ऐसी प्रथाओं का त्याग करें जो स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध है।
  • हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसका निर्माण करे।
  • प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसके अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं, रक्षा करें और उसका संवर्धन करें तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखें।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें।
  • सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें।
  • व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करे जिससे राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नई ऊंचाइयों को छू लें।
  • माता-पिता या संरक्षक द्वार 6 से 14 वर्ष के बच्चों हेतु प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना।

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