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Republic Day 2019: इन दस देशों से लिया गया है भारत का संविधान, जानिए क्या है खासियत

भारत का संविधान (Constitution Of India) भारत का सर्वोच्च विधान है। जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। 26 नवम्बर को भारत में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। जबकि 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस (Republic Day 2019) के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है (Longest Constitution Of World)। भारत के संविधान को 2019 में 69 साल हो (69th Republic Day) जाएंगे।

Republic Day 2019: इन दस देशों से लिया गया है भारत का संविधान, जानिए क्या है खासियत
भारत का संविधान (Constitution Of India) भारत का सर्वोच्च विधान है। जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। 26 नवम्बर को भारत में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। जबकि 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस (Republic Day 2019) के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है (Longest Constitution Of World)। भारत के संविधान को 2019 में 69 साल हो (69th Republic Day) जाएंगे। जब देश को आजादी मिली थी तो कई अंग्रेजों ने कहा था कि देश टूट जाएगा। कुछ ने कहा था कि भारतीय आपस में ही लड़ मरेंगे। लेकिन आज इस संविधान के कारण भारत देश एक है। यह उन लोगों के लिए जवाब की तरह है जिन्होंने भारत को कई हिस्सों में सोंचा था। आज हम आपको बता रहे हैं भारत को एक बनाए रखने वाली किताब 'भारत का संविधान' (Constitution Of India) के बारे में।

भारत का संविधान

भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इसमें लगभग 145,000 शब्द हैं, जो इसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सक्रिय संविधान बनाता है। वर्तमान में इसमें एक प्रस्तावना 12 अनुसूचियों के साथ 25 भाग, 5 परिशिष्ट, 448 अनुच्छेद और 101 संशोधन हैं। लेकिन इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागो बाँटा गया था भारतीय संविधान मे 8 अनुसूचियां थी।

भारतीय संविधान का इतिहास

दूसरे विश्व युद्ध का समाप्ति के बाद जुलाई 1945 मे ब्रिटेन ने भारत के संबंध में अपनी नई नीति की घोषण की और भारत के संविधान सभा के निर्माण के लिए एक कैबिनेट मिशन भारत भेजा। जिसमे 3 मंत्री थे। 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना काम 9 दिसम्बर 1947 से शुरु कर दिया।
संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। जवाहरलाल नेहरु, डॉ भीमराव आम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद ये सभी लोग इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। संविधान सभा ने 2 साल 11 महीने 18 दिन में भारत का संविधान पूरा किया था।
114 दिन तक बहस की। संविधान सभा मे कुल 12 अधिवेशन किए और अंतिम दिन 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर किए। संविधान बनने मे 166 दिन बैठक की गई। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की पूरी आजादी थी। भारत के संविधान के निर्माण में संविधान सभा के सभी 389 सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था।

इन देशों से लिया गया है संविधान

ब्रिटेन के शासन से भारत काफी समय बाद आजाद हुआ। लेकिन कई सारे देश थे जो बहुत पहले आजाद हो गए थे। उन्होंने अपना संविधान बना लिया था। कई देश ऐसे थे जिनके यहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया लागू थी। ऐसे में संविधान निर्माताओं ने भारत के संविधान को लिखने में कई देशों के संविधान की सहायता ली। जिन देशों की सहायता ली गई वो थे-

संयुक्त राज्य अमेरिका

मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, संविधान की सर्वोच्चता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निर्वाचित राष्ट्रपति एवं उस पर महाभियोग, उपराष्ट्रपति, उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हटाने की विधि एवं वित्तीय आपात, न्यायपालिका की स्वतंत्रता को अमेरिका के संविधान से लिया गया।

ब्रिटेन

संसदात्मक शासन-प्रणाली, एकल नागरिकता एवं विधि निर्माण प्रक्रिया, विधि का शासन, मंत्रिमंडल प्रणाली, परमाधिकार लेख, संसदीय विशेषाधिकार और द्विसदनवाद को ब्रिटेन से लिया गया है।

आयरलैंड

नीति निर्देशक सिद्धांत, राष्ट्रपति के निर्वाचक-मंडल की व्यवस्था, राष्ट्रपति द्वारा राज्य सभा में साहित्य, कला, विज्ञान तथा समाज-सेवा आदि के क्षेत्र में व्यक्तियों को सम्मनित करना आयरलैंड से लिया गया है।

ऑस्ट्रेलिया

प्रस्तावना की भाषा, समवर्ती सूची का प्रावधान, केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध तथा शक्तियों का विभाजन, व्यापार-वाणिज्य और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है।

जर्मनी

आपातकाल के दौरान राष्ट्रपति के मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां, आपातकाल के समय मूल अधिकारों का परिर्वतन जर्मनी से लिया गया है।

कनाडा

संघात्‍मक विशेषताएं, अवशिष्‍ट शक्तियां केंद्र के पास, केंद्र द्वारा राज्य के राज्यपालों की नियुक्ति और उच्चतम न्यायालय का परामर्श न्याय निर्णयन कनाडा से लिया गया है।

दक्षिण अफ्रीका

संविधान संशोधन की प्रक्रिया प्रावधान, राज्यसभा में सदस्यों का निर्वाचन दक्षिण अफ्रीका के संविधान से लिया गया है।

सोवियत संघ (पूर्व)

मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान, मूल कर्तव्यों और प्रस्तावना में न्याय (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) का आदर्श सोवियत संघ से लिया गया था। यहां हम पूर्व इस लिए लिख रहे हैं क्योंकि सोवियत संघ 1991 में कई राष्ट्रों में टूट गया था।

जापान

विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया को जापान से लिया गया है।

फ्रांस

गणतंत्रात्मक और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता, बंधुता के आदर्श को फ्रांस से लिया गया है।

दुनिया का सबसे बड़ा संविधान

दुनिया का सबसे बड़ा संविधान भारत का है इसमें वर्तमान में 465 आर्टिकल और 12 अनुसूचियां हैं। भारत के संविधान को हिंदी और इंग्लिश में हाथ से लिखा गया था। इसकी मूल कॉपी पार्लियामेंट की लाइब्रेरी में हीलियम से भरे केस में रखी हुई है।

सबसे छोटे संविधान वाले देश

अमेरिका
जर्मनी
चीन
मैक्सिको
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