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शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को अशोक चक्र से नवाजा, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हुए भावुक

गरुड़ कमांडो शहीद जेपी निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित करने के लिए उनकी मां और पत्नी को मंच पर इस सम्मान से नवाजा गया।

शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को अशोक चक्र से नवाजा, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हुए भावुक

आज देश 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को अशोक चक्र से परिवार को सम्मानित किया। सम्मान के दौरान राष्ट्रपति भावुक हो गए।

झंडारोहण और राष्ट्रगान के बाद शांति काल के सबसे बड़े सैन्य पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। इसके लिए जब मंच पर शहीद जेपी निराला की मां और पत्नी को आमंत्रित किया गया। तो इस दौरान उनकी साहसिक कारनामे का जिक्र भी किया गया।

उसके बाद जब वो शहीदों के परिवार वालो को अपने हाथों से सम्मानित कर रहे थे तो उस समय राष्ट्रपति भावुक होते नजर आए। साथ ही जब उन्हें अशोक चक्र सम्मानित किए जाने के बाद जब वह बैठे तो उनकी आंखों में आंसू थे। शहीद की मां और पत्नी के जाने के बाद उन्होंने रुमाल निकालकर अपने आंसू पूंछे।

अशोक देने पाने वाले पहले गरूड़ कमांडो

भारत के वायुसेना के लिए ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी को गरुड़ कमाड़ों को अशोक चक्र दिया गया था। गरुड़ कमा़ड़ो जेपी निराला तीन महीने पहले ही आतंकविरोधी अभियान के तहत स्पेशल ड्यूटी पर कश्मीर के हाजिन में तैनात थे।
श्रीनगर में इसी ऑपरेशन के दौरान सेना की तरफ से की गई कर्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के भतीजे तल्हा रशीद को मारा गिराया था। कमांडो निराला अपने माता-पिता के एकलौते बेटे थे।
परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी पत्नी सुषमा और 4 साल की बेटी जिज्ञासा हैं। उनकी पत्नी सुषमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह हमेशा वीरता की बातें करते थे। उनकी 8 साल की सर्विस में जुलाई 2017 में उन्हें कश्मीर जाने का मौका मिला।
उनकी पत्नी ने कहा कि वह उनसे अक्सर कहते थे कि वह रहें या ना रहें तुम्हें आत्मनिर्भर बनना होगा। उनके भरोसे नहीं रहना है, वह देश की सेवा के लिए हैं, देश उनका पहला कर्तव्य है।
उनकी पत्नी ने बताया कि उनकी आखिरी बार उनसे 17 नवंबर 2017 को बात हुई थी। बेटी जिज्ञासा भी अपने पिता के पदचिन्हों पर आगे चलेगी जैसे उनके पति ने देश का नाम रोशन किया वैसे ही उनकी बेटी भी देश का नाम रोशन करेगी।
शहीद निराला के पिता तेजनारायण ने बताया कि उनका एकलौता बेटा था लेकिन आज उन्हें गर्व है कि वह देश पर शहीद हो गया। उसने अपना जीवन देश पर कुर्बान किया।
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