Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

गणतंत्र दिवस: पीएम मोदी 18 बहादुर बच्चों को ''राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार'' से करेंगे सम्मानित

इस साल 18 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं 3 बच्चों को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

गणतंत्र दिवस: पीएम मोदी 18 बहादुर बच्चों को

इस साल 18 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं 3 बच्चों को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी 24 जनवरी को एक विशेष समारोह के दौरान इन बच्चों को सम्मानित करेंगे।

ये बच्चे राजपथ पर होने वाली 26 जनवरी की परेड में भी हिस्सा लेंगे। धमकियां मिलने के बावजूद आगरा जिले के मंटोला इलाके में सट्टे और जुए के अवैध व्यवसाय के खिलाफ आवाज उठाने वाली नाजिया को राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार के सर्वोच्च सम्मान 'भारत पुरस्कार' से नवाजा जाएगा।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में उठी 'शहीद भगत सिंह' को सर्वोच्च सम्मान देने की मांग, जानिए क्या है 'निशान-ए-हैदर'

कर्नाटक की रहने वाली 14 वर्षीय नेत्रावती एम चव्हान को मरणोपरांत प्रतिष्ठित गीता चोपड़ा पुरस्कार से नवाजा जाएगा। नेत्रावती ने 2 डूबते हुए बच्चों को बचाते हुए अपनी जान की कुर्बानी दी थी।

वहीं 'संजय चोपड़ा पुरस्कार' साढ़े सत्रह साल के मास्टर करनबीर सिंह को मिलेगा। इन्होंने 20 सिंतबर 2016 को कुछ बच्चे अपनी स्कूल की बस में वापस लौट रहे थे। ड्राइवर स्पीड में गाड़ी चला रहा था, जिससे अटारी गांव के पास एक पुल को पार करते समय बस दीवार से टकराई और नाले में जा गिरी।

इसे भी पढ़ें: डोकलाम विवाद: सैटेलाइट इमेज में दिखे 7 हैलीपैड और गोला-बारूद का जखीरा

थोड़ी देर में बस पानी से भर गई जिसके कारण सभी बच्चें घबरा गए और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी तब पंजाब के करनबीर सिंह ने बस का दरवाजा तोड़ 15 बच्चों को बचाया था।

मेघालय के 14 साल के मास्टर बेटसवजॉन पेनलांग, ओडिशा की 7.5 साल की ममता दलाई और केरल के साढ़े 13 साल के मास्टर सेबेस्टियन को बापू 'गैधानी पुरस्कार' से नवाजा जाएगा।

14 साल के बेटसवजॉन ने अपने भाई के जिंदा जलने से बचाया था। वहीं सेबेस्टियन ने अपने एक दोस्त को रेल की पटरी के चपेट में आने से और ममता ने अपने दोस्त को मगरमच्छ के जबड़े से बचाया था।

इसे भी पढ़ें: क्रूर मंगल का वृश्चिक में गोचर, इन राशियों की खुशियों पर लगेगा ग्रहण, ये राशियां होंगी मालामाल

इन सभी पुरस्कारों का चयन एक उच्चस्तरीय समिति ने किया है, जिसमें विभिन्न मंत्रालय, विभागों के साथ NGO और भारतीय बाल कल्याण विभाग के अधिकारी शामिल थे। गणतंत्र दिवस(26 जनवरी) के पहले 24 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी इन्हें सम्मानित करेंगे और इसके ये सभी बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेंगे।

1957 में सबसे पहले दिया गया था ये अवॉर्ड

सबसे पहले 1957 में 2 बच्चों को बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार दिया गया था। तब से हर साल राष्ट्रीय पुरस्कार बच्चों को दिया जाता है। अब तक 963 बच्चों को वीरता पुरस्कार से नवाजा गया है, जिसमें 680 लड़के और 283 लड़कियां शामिल हैं।

Next Story
Hari bhoomi
Share it
Top