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गणतंत्र दिवस 2018: ये है भारत के संविधान की कुछ विशेष बातें, जानें कुछ रोचक तथ्य

4 नवंबर 1947 में डॉ अंबेडकर ने संविधान को सभा के सामने पेश किया जिसे सभी की सहमति से पास होने में काफी दिनों का समय लग गया।

गणतंत्र दिवस 2018: ये है भारत के संविधान की कुछ विशेष बातें, जानें कुछ रोचक तथ्य

26 जनवरी 2018 को भारत का 69वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस को भारत में राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था। संविधान के लागू होने के बाद भारत लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था।

15 अगस्त 1947 में अंग्रेजों के चंगुल से भारत को मुक्ति मिली थी। इसके बाद से डॉक्टर भीम रॉव अंबेडकर को भारत का संविधान ड्राफ्ट करने की जिम्मेदारी मिली। डॉ अंबेडकर ने संविधान को लिखा।
4 नवंबर 1947 में डॉ अंबेडकर ने संविधान को सभा के सामने पेश किया जिसे सभी की सहमति से पास होने में काफी दिनों का समय लग गया। यह संविधान पूर्ण स्वराज के आधार पर बना था। 26 जनवरी 1950 को भारत के पहले संविधान के रूप में स्वीकार किया गया।

ये हैं भारत के संविधान की विशेषताएं
भारत के संविधान को 26 नवंबर 1949 को पारित किया गया। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। भारत के संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां थे। अगर अभी की बात की जाए तो भारत के संविधान में 465 अनुच्छेद , 25 भाग और 12 अनुसूचियां हैं।
भारतीय संविधान में अलग-अलग देशों के संविधानों के प्रावधान को उधार लिया गया है। जरूरत के हिसाब से वक्त-वक्त पर संशोधन भी किया गया है।
भारत के संविधान में दी गई हैं ये बातें
1. स्वतंत्रता का अधिकार
2. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश
3. भारत में एकल नागरिकता
उल्लेखनीय है कि भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है।
संविधान में लिखा है कि भारत की सरकार का संसदीय स्वरूप होगा। इसका मतलब है कि भारत के दो सदन होंगे- लोकसभा और राज्यसभा। इसके साथ बही यह भी बताया गया है कि भारत में सरकार का मुख्या प्रधानमंत्री होता है।
संविधान के भाग IV (अनुच्छेद 36 से 50) में राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों के बारे में बात की गई है। इन्हें कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती हैं।
42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1946) द्वारा संविधान में मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया। इसके लिए एक नया हिस्सा भाग IV– ए बनाया गया और अनुच्छेद 51– ए के तहत दस कर्तव्य शामिल किए गए। यह प्रावधान नागरिकों को इस बात की याद दिलाता है कि अधिकारों का उपयोग करने के दौरान उन्हें अपने कर्तव्यों का भी निर्वहन करना चाहिए।

इसके साथ ही भारत में संविधान में सार्वभौम व्यस्क मताधिकार का भी उल्लेख किया गया है। भारत में 18 वर्ष से अधिक उम्र के हर एक नागरिक को जाति, धर्म, वश, लिंग, साक्षरता आदि के आधार पर भेदभाव किए बिना मतदान देने का अधिकार है। इसके साथ आपातकाल के प्रावधान का भी उल्लेख किया गया है।
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