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जियो से घबराई कंपनियों ने लिखी पीएमओ को चिट्ठी

जियो के वॉइस ट्रैफिक को टर्मिनेट करने के लिए टॉप टेलिकॉम कंपनियों के पास न तो नेटवर्क है और न ही वित्तीय संसाधन।

जियो से घबराई कंपनियों ने लिखी पीएमओ को चिट्ठी
कोलकाता. देश की टॉप टेलिकॉम कंपनियों ने रिलायंस जियो के छूट देने पर चिंता जताते हुए पीएमओ को चिट्ठी भेजी है। कंपनियों ने कहा है कि इंटरकनेक्शन पॉइंट्स के लिए रिलायंस जियो इंफोकॉम पर कदम उठाने का उनपर कोई दायित्व नहीं है। जियो के वॉइस ट्रैफिक को टर्मिनेट करने के लिए उनके पास न तो नेटवर्क है और न ही वित्तीय संसाधन।
सेल्युलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने पीएमओ में प्रिंसिपल सेक्रटरी नृपेंद्र मिश्रा को एक महीने में दूसरा लेटर भेजा है। लेटर में कहा गया, 'रिलायंस जियो के संभावित 10 करोड़ कस्टमर्स के इनकमिंग वॉइस ट्रैफिक को अनलोड करने से मौजूदा ऑपरेटरों का वेटेड औसत वॉइस रियलाइजेशन 30-40 पैसे प्रति वॉइस मिनट से घटकर 22-25 पैसे प्रति वॉइस मिनट या इससे भी नीचे चला जाएगा।'
सीओएआई ने यह लेटर 2 सितंबर को भेजा था। इससे एक दिन पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के एजीएम में मुकेश अंबानी ने जियो की सर्विसेज 5 सितंबर को शुरू करने का ऐलान किया था। देश की बड़ी जीएसएम कंपनियां सीओएआई की मेंबर हैं।
सीओएआई ने लेटर में आगाह किया है कि वेटेड ऐवरेज वॉइस रियलाइजेशन में कमी आने से पहले ही मौजूदा टेलिकॉम कंपनियों की 'हालत खस्ता' हो जाएगी। सीओएआई के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज ने कहा, 'रिलायंस जियो वॉइस सर्विसेज पर इतनी बड़ी छूट का असर कुछ हद तक डेटा से होने वाली आमदनी और कस्टमर्स की बड़ी संख्या जोड़ने से कर सकती है। यह बिल्कुल साफ हो गया है कि इस फ्री सर्विस का बड़ा बोझ टैरिफ मैन्युपुलेशंस के जरिए प्रतिद्वंद्वी ऑपरेटरों पर डालने की कोशिश हो रही है। ऐसे वॉइस ट्रैफिक की सुनामी से फाइनैंशल कॉम्पिटिशन खत्म हो जाएगा।'
उन्होंने कहा कि मौजूदा टेलिकॉम कंपनियों को ऐसा वॉइस ट्रैफिक संभालने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जो उनके मौजूदा स्तरों का दोगुना होगा। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने प्रतिद्वंद्वी मौजूदा ऑपरेटरों से कहा था कि वे पर्याप्त पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्शन मुहैया कराएं ताकि जियो के कस्टमर्स आसानी से कॉल्स कर सकें।
जियो ने 5 सितंबर को अपनी 4जी सर्विसेज शुरू की थीं। उसने 31 दिसंबर तक फ्री वॉइस और डेटा सर्विसेज देने का ऐलान किया है। उसका लक्ष्य जल्द से जल्द 10 करोड़ कस्टमर्स हासिल करने का है। सीओएआई के अनुसार, इंडिया में इनकमिंग और आउटगोइंग ट्रैफिक का अनुपात सामान्यत: 1:1 रहता है। जियो के बीटा टेस्ट में यह 10:1 हो गया और जब उसके 10 करोड़ कस्टमर्स (संभावित) अनलिमिटेड फ्री वॉइस सर्विसेज के आदी हो जाएंगे तो यह अनुपात निश्चित रूप से 15:1 का हो जाएगा।
सीओएआई में भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर सहित दूसरी टेलिकॉम कंपनियां मेंबर हैं। सीओएआई ने कहा कि, "रिलायंस जियो, एयरसेल और टेलीनॉर भी उसकी मेंबर हैं और उनकी राय अलग है, वह इस मामले पर अपनी राय अलग से रख सकती हैं।"
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