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रिलायंस जिओ ने टावर के लिए इंडस टावर्स के साथ किया करार, 4जी सेवाएँ शुरू करने की योजना

रिलायंस जियो ने टावर शेयरिंग के लिए एमएसए मास्टर सर्विस एग्रीमेंट समझौता किया है।

रिलायंस जिओ ने टावर के लिए इंडस टावर्स के साथ किया करार, 4जी सेवाएँ शुरू करने की योजना
मुम्बई. रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने इंडस टावर्स इंक के साथ समझौता किया है। रिलायंस जियो ने टावर शेयरिंग के लिए एमएसए (मास्टर सर्विस एग्रीमेंट) समझौता किया है। इस समझौते के तहत रिलायंस जियो देश भर में अपनी 4जी सेवाएँ शुरू करने के लिए इंडस टावर्स के दूरसंचार टावर बुनियादी ढाँचे का इस्तेमाल करेगी। गौरतलब है कि रिलायंस जियो,रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमटेड की सब्सिडियरी कंपनी है।

कंपनी की यह खबर सोमवार को बाजार बंद होने के बाद आयी है। इसलिए इस खबर का कंपनी के शेयर भाव पर असर मंगलवार को बाजार खुलने के बाद ही दिखायी देगा। आज शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भाव में हल्की गिरावट का रुख रहा। बीएसई में यह 0.35% की कमजोरी के साथ 991.10 रुपये पर बंद हुआ।

हर साल 2,000 नए टावर्स लगाएगी इंडसदुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम टावर कंपनी इंडस टावर्स अगले कुछ वर्षों तक हर साल लगभग 2,000 टावर लगाने की योजना है। कंपनी भारत और विदेश में एक्विजिशन करने को भी तैयार है। इंडस टावर्स को मौजूदा क्लाइंट्स से और बिजनेस मिलने की उम्मीद है। उसकी नजर उन नई टेलीकॉम कंपनियों पर भी है, जो देश भर में ऑपरेशंस फैलाना चाहती हैं। इसके लिए कंपनी पॉलिसी से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रही है।

इंडस टावर्स के सीईओ बी एस शांताराजू ने कहा, 'इंडस्ट्री अब आगे बढ़ रही है। हम किसी के साथ भी काम करने के लिए तैयार हैं।' इंडस टावर्स देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर का ज्वाइंट वेंचर है। इसमें भारती और वोडाफोन में से हरेक की 42 पर्सेंट और आइडिया की 16 पर्सेंट हिस्सेदारी है। देश की टावर इंडस्ट्री 2012 से मुश्किलों का सामना कर रही है।

उस समय सुप्रीम कोर्ट की ओर से 9 मोबाइल फोन कंपनियों के 122 परमिट कैंसल करने से कुछ कंपनियों को अपना ऑपरेशंस घटाना पड़ा था, जबकि कुछ को धंधा बंद करना पड़ा। इस दौरान इंडस टावर्स ने 2,000 टावर इंस्टॉल किए। कंपनी देश के 22 टेलीकॉम सर्कल में से 15 में टावर रखती है। इन टावर्स पर टेलीकॉम कंपनियां वॉयस और डेटा कवरेज के लिए बेस स्टेशन या सिग्नल एमिटर लगाती हैं।

नीचे की स्लाइड्स में जानिए, रिलायंस जियो ने टावर शेयरिंग के लिए एमएसए समझौता किया है -
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