Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

मोदी सरकार के बजट पर रियल एस्टेट के दिग्गजों की राय

मोदी सरकार ने इस साल के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आवास, स्वस्थ्य पर जोर दिया है। हालांकि शहरी इलाकों में रियल एस्टेट पर कुछ खास सौगातों की घोषणा नहीं हुई है।

मोदी सरकार के बजट पर रियल एस्टेट के दिग्गजों की राय

मोदी सरकार ने इस साल के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आवास, स्वस्थ्य पर जोर दिया है। हालांकि शहरी इलाकों में रियल एस्टेट पर कुछ खास सौगातों की घोषणा नहीं हुई है। कई विशेषज्ञ इस बजट को चुनाव से रंगा हुआ बता रहे हैं। आखिर जानते हैं कि रियल एस्टेट के विशेषज्ञ इस बजट पर क्या कहते हैं -

धर्मेश जैन, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, निर्मल लाइफ स्टाइल – यह बजट बिजनेस और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देता है। कुछ एरिया को खास तौर पर फोकस किया गया है। हालांकि आवास और अचल संपत्ति को प्रोत्साहित कर रहा है।

शुभिका बिल्खा, बिजनेस हेड, द रियल इस्टेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट – चुनावी मौसम को देखते हुए बजट पेश किया गया है। जिस तरीके से बजट में बुनियादी ढांचा, ग्रामीण अर्थव्यस्था, अच्छा स्वास्थ्य, शिक्षा में गुणवत्ता पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है वो जल्द ही चुनाव आने की आहट देता है।

निरंजन हीरानंदानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेडको – बजट में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ी घोषणाएं नहीं की गई हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने का कदम रियल एस्टेट के लिए फायदेमंद होगा। किफायती घरों के लिए नेशनल हाउसिंग बैंक में विशेष निधि की योजना का निर्णय प्रधानमंत्री के सपने ‘सबको घर’ देने को निश्चय ही पूरा करेगा।

अशोक मोहनानी. चेचरमैन एकता वर्ल्ड और वाइस प्रेसीडेंट नरेडको वेस्ट – साल 2018 -19 का बजट स्वच्छ, नियोजित, स्वस्थ्य, शिक्षित करके देश को मजबूत करना लगता है। किफायती आवास के लिए फंड बनाने की पहल का हम स्वागत करते हैं। यह सस्ता और लोगों के लिए लाभदायक रहेगा।

रोहित पोद्दार, प्रबंध निदेशक, पोद्दार हाउसिंग - हमें खुशी है कि यह एक संयुक्त बजट है जहां सरकार ने बुनियादी ढांचे पर जोर दिया है और किफायती आवास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फोकस किया है। यह बजट 2019 के आम चुनाव की तरह का बजट है।

अनिकेत हावरे – प्रबंध निदेशक, हावरे ग्रुप – रियल इस्टेट में जीएसटी की दरों में कमी आनी चाहिए,जिससे मध्य आय वालों को घर खरीदने में मदद मिले। टैक्स में 2.5 से 5 लाख तक के स्लैब को हाउसिंग लोन, अन्य ब्याज पर कोई लाभ नहीं दिया गया है।

अमित वाधवानी – निदेशक, साई इस्टेट कंसल्टेंट – सरकार ने जिस तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे की नींव रखी है, इससे किफायती आवास के लिए यह एक अच्छा समय है। साथ ही किफायती आवास की मांग में इजाफा भी होगा।

Loading...
Share it
Top