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जानें कितने में छपते हैं 500 और 2000 रुपए के नए नोट

500 और 2000 रु. के नए नोट छापने पर RBI मोटी रकम खर्च कर रहा है।

जानें कितने में छपते हैं 500 और 2000 रुपए के नए नोट
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नई दिल्ली. देश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब देश में इतने बड़े पैमाने पर सरकार और आरबीआई की ओर से नोटों को एक झटके में मार्केट से बाहर किया जा रहा है। 2000 और 500 रुपए के नए नोटों की हर ओर चर्चा है। इससे पहले मोरारजी देसाई के नेतृत्‍व वाली 1978 की जनता पार्टी सरकार ने यह कदम उठाया था।
सरकार को भारी रकम खर्च करनी पड़ती है
आपको बता दें कि इन नोटों की छपाई पर भी सरकार को भारी रकम खर्च करनी पड़ती है। रिपोर्ट की मानें तो इन नोटो की छपाई पर अलग अलग खर्च आता है। एक, दो और 10 रुपए की छोटी कीमत वाली नोटों को छापने का खर्च कम आता है। इसका सबसे बड़ा रीजन यह है इनमें सिक्‍युरिटी फीचर्स कम होते हैं और इनकी ब्‍लैक मार्केटिंग भी कम होती है।
सिक्‍युरिटी फीचर्स के चलते बड़े नोटों में छपाई का खर्च ज्‍यादा
इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, वहीं ज्‍यादा सिक्‍युरिटी फीचर्स के चलते बड़े नोटों में छपाई का खर्च ज्‍यादा आता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) को 500 रुपए के नए नोट को छापने पर 3.09 रुपए की लागत आ रही है। रिजर्व बैंक को पहले भी 500 रुपए का नोट इसी लागत पर मिल रहा था। आरबीआइ की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) केन्द्रीय बैंक को 2,000 रुपए मूल्य वर्ग का नया नोट 3.54 रुपए में उपलब्ध करा रही है। वहीं एक रुपए की कीमत का नोट एक मात्र ऐसा नोट है, जिसकी बाजार कीमत वास्‍तविक लागत से ज्‍यादा है।
सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत यह जानकारी मिली
मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि उन्हें सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत यह जानकारी मिली है। गौड़ ने बताया कि उनकी आरटीआइ अर्जी के जवाब में बीआरबीएनएमपीएल की ओर से सूचित किया गया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में 500 रुपए मूल्य वर्ग के 1,000 नए नोटों के लिये 3,090 रुपए मूल्य तय किया गया है। यही कीमत 500 रुपए मूल्य वर्ग के पुराने नोटों के लिए भी निर्धारित थी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों को अमान्य कर दिया था।
नए नोटों के बिक्री मूल्य में फिलहाल कोई बदलाव नहीं
आरबीआइ द्वारा वर्ष 1995 में स्थापित इस कम्पनी ने नोटबंदी के बाद भी 500 रुपए मूल्य वर्ग के नए नोटों के बिक्री मूल्य में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। गौड़ ने आरटीआई अर्जी के जवाब के हवाले से बताया कि बीआरबीएनएमपीएल 2,000 रुपए मूल्य वर्ग के 1,000 नए नोट आरबीआई को 3,540 रुपए में उपलब्ध करा रही है। यह जानना दिलचस्प है कि कम्पनी नोटबंदी से पहले केंद्रीय बैंक को इसी दाम पर 1,000 रुपए मूल्य वर्ग के पुराने नोटों की आपूर्ति कर रही थी।
आम आदमी तक कैसे पहुंचता है नोट
नए नोट छापेखाने से आरबीआई के दफ्तर, आरबीआइ के दफ्तर से करेंसी चेस्ट और फिर वहां से बैंकों की शाखाओं में पहुंचते हैं। बैंकों से यही नोट आम आदमी को मिलते हैं। आरबीआई के पास 19 वितरण कार्यालय, 4,075 करेंसी चेस्ट और 3746 छोटे सिक्कों के डीपो हैं। करेंसी चेस्ट और सिक्के के डीपो का प्रबंधन वाणिज्यिक, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक करते हैं। सबसे अधिक 1965 करेंसी चेस्ट भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पास हैं।
नोट छापता कौन है
हम जिन नोटों का प्रयोग करते हैं उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) छापता है। बीआरबीएनएमपीएल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक इकाई है। बीआरबीएनएमपीएल मैसूर और शालबनी स्थित दो छापेखानों में ये नोट छापता है। इसके अलावा सरकारी दस्तावेज छापने वाला भारत सरकार का सिक्योरिटी प्रिटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया भी करेंसी नोट छापता है।
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