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सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के इन फैसलों से देश में मच गई थी खलबली

जस्टिस रंजन गोगोई ने आज भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जस्टिस गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पद की शपथ दिलाई।

सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के इन फैसलों से देश में मच गई थी खलबली
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जस्टिस रंजन गोगोई ने आज भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जस्टिस गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पद की शपथ दिलाई।

जस्टिस गोगोई को 1978 में गुवाहाटी बार कौंसिल की सदस्यता मिली थी। बाद में उन्हें 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश बनाया गया था।

9 सितंबर 2010 को जस्टिस गोगोई को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था। 23 अप्रैल 2012 में जस्टिस रंजन गोगोई ने पहली बार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप शपथ ली थी।

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यहां हम आपको जस्टिस रंजन गोगोई के अब तक के कुछ महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में बता रहे हैं-

1. असम NRC मामला

जस्टिस गोगोई की ही पीठ ने असम नेशनल सिटिजन रजिस्टर (एनआरसी) के मामले में राज्य सरकार को अवैध घुसपैठियों की पहचान करने का आदेश दिया था।

2. अमिताभ बच्चन इनकम केस

जस्टिस गोगोई तथा जस्टिस पीसी पंत की खंडपीठ ने मई 2016 में बाम्बे हाईकोर्ट के 2012 के एक आदेश को रद्द कर दिया था।

जिसमें आयकर विभाग को बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन की इनकम का आंकलन करने का अधिकार दिया था। अमिताभ बच्चन को ये इनकम मशहूर टीवी शो 'कौन बनेगा करोडपति' से हुई थी। बच्चन के खिलाफ ये मामला 2002 में दर्ज हुआ था।

3. जेएनयू देशद्रोह केस

जस्टिस रंजन गोगोई ने एक अहम फैसले में फरवरी 2016 में पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर कथित रूप से हुए हमले के मामले एसआईटी जांच की मांग को खारिज कर दिया था।

कन्हैया कुमार पर ये कथित हमला देशद्रोह के मामले में पटियाला हाई कोर्ट में पेशी के दौरान हुआ था।

4. आर्बिट्रेशन अग्रीमेंट

जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आर भानुमती की एक खंडपीठ ने आर्बिट्रेशन अग्रीमेंट में ऐतिहासिक फैसला दिया था।

जिसमे अदालत से मध्यस्थता की इच्छुक पार्टियां सहमति से सिर्फ लिखित में अपील करेंगी। अब मौखिक रूप में कोई भी मध्यस्थता की अपील मंजूर नहीं होगी।

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