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रामकिशन को मिल रहा था ओआरओपी का लाभ: रक्षा मंत्रालय

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ओआरओपी का सैनिकों को मिल रहा है लाभ

रामकिशन को मिल रहा था ओआरओपी का लाभ: रक्षा मंत्रालय
नई दिल्ली. हरियाणा के भिवानी के रहने वाले रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) के जवान सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले पर रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसे छठे वेतन आयोग के हिसाब से पेंशन और वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) का लाभ मिल रहा था। इसके अलावा जहां तक सातवें वेतन आयोग के आधार पर वेतन बढ़ोतरी न मिलने का मुद्दा है, तो इस पर मंत्रालय यह स्पष्ट करना चाहता है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिए जाने की वजह से इसका लाभ सशस्त्र सेनाओं को नहीं मिल पा रहा है। डीएसी भी सशस्त्र सेनाओं का ही हिस्सा है।
मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने मंत्रालय के आला अधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी, जो उन्हें दे दी गई है। गौरतलब है कि मंगलवार को पर्रिकर और सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर गए हुए थे। बीते सप्ताह के अंत में ओआरओपी को लेकर पूर्व सैनिकों द्वारा जो कमियां बतायी गई थीं, उनके लिए गठित जस्टिस एल.नरसिंम्हा रेड्डी आयोग ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। मंत्रालय में इसका अध्ययन चल रहा है।
आत्महत्या से पहले 70 वर्षीय रामकिशन यहां राजधानी के 10 अकबर रोड़ स्थित रक्षा मंत्री के आवास पर उनसे मिलने भी गए थे। लेकिन सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इसके बाद ही जवाहर भवन के लॉन में रामकिशन ने आत्महत्या की। इस तथ्य को नकारते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार जवान द्वारा रक्षा मंत्री से मिलने का कोई अनुरोध नहीं किया गया था। ग्रेवाल को छठे वेतन आयोग और ओआरओपी का लाभ डीएसी में नौकरी के आधार पर दिया जा रहा है। जबकि सेना में उनकी नौकरी की शुरूआत परंपरागत सेना (टीए) की 105 इंफेंट्री बटालियन (राज-राइफल ग्रूप) में हुई थी।
यहां 6 साल 11 दिन नौकरी करने के बाद उन्होंने डीएसी जाइन कर ली थी। दोनों की सेवा मिलाकर 30 साल 9 महीने 26 दिन होते हैं। यहां बता दें कि सेना के किसी भी भाग में तैनाती के बाद 15 साल तक नौकरी करने के बाद ही पेंशन सुविधा का लाभ मिलता है। चूंकि रामकिशन ने टीए में 6 साल और 11 दिन सर्विस की थी। इसलिए उसे डीएसी से पेंशन और ओआरओपी का लाभ मिल रहा था। ओआरओपी देने की घोषणा रक्षा मंत्रालय ने बीते वर्ष 5 सितंबर को की थी। लेकिन इस बाबत अधिसूचना 7 नवंबर को जारी की गई थी।
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