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Ram Rahim Ki Kahani : राम रहीम की कहानी, जानें काले कारनामों की लिस्ट

राम रहीम इस समय दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।

Ram Rahim Ki Kahani : राम रहीम की कहानी, जानें काले कारनामों की लिस्ट

डेरा सच्चा सौदे के प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति (Ramchandra Chhatrapati) की हत्या के मामले में पंचकुला सीबीआई विशेष कोर्ट दोषी करार दे चुकी है। कोर्ट आज हत्या के मामले में बाबा राम रहीम समेत 4 दोषियों को सजा सुनाएगा। सीबीआई कोर्ट ने बाबा राम रहीम और किशन लाल को आईपीसी की धारा 120बी, 302 का दोषी मना है। वहीं, कुलदीप और निर्मल को 120बी, 302 और आर्म्स एक्ट का दोषी माना है। कोर्ट के द्वारा धारा 302 में कम से कम उम्र कैद और ज्यादा से ज्यादा फांसी की सजा सुनाई जा सकती है।

राम रहीम की कहानी

साल 2002 में एक कथित साध्वी ने तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा। पत्र में साध्वी ने गुरमीत राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाया। जिसके बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

साल 2002 में ही पत्रकार रामचंद्र छत्रपति साल 2002 को एक गुमनाम चिट्ठी मिली थी। इस चिट्ठी में डेरा सच्चा सौदा में लड़कियों के साथ हो रहे यौन शोषण के बारे में जानकारियां थी।

रामचंद्र छत्रपति ने सिरसा के सांध्य दैनिक 'पूरा सच' में गुरमीत राम रहीम के डेरे में हुए बलात्कार केस की खबर छापी थी। इस खबर छपने के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को धमकियां मिलनी शुरू हो गई और कुछ दिनों बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। रामचंद्र छत्रपति सांध्य दैनिक 'पूरा सच' अखबार के संपादक थे।

जिसके बाद रामचंद्र छत्रपति के परिजनों ने बाबा राम रहीम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। परिजनों ने हत्या के मामले में सीबीआई हाई कोर्ट सीबीआई जांच की मांग की।

हाईकोर्ट के साल 2006 में सीबीआई की जांच के लिए आदेश दे दिया। सीबीआई ने साल 2007 में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें गुरमीत बाबा राम रहीम को दोषी माना गया था।

बाबा राम रहीम के अलावा निर्मल सिंह, कुलदीप सिंह और कृष्णलाल को धारा 302 और 120B के तहत आरोपी बनाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबा राम रहीम का ड्राइवर इस मामले में सीबीआई का मुख्य गवाह था।

पत्रकार की हत्या के मामले में 11 जनवरी 2019 को पंचकुला की सीबीआई की विशेष कोर्ट ने बाबा रामरहीम समेत चार लोगों की दोषी ठहराया। चारो दोषियों को कोर्ट 17 जनवरी 2019 यानी आज सजा सुनाएगा।

राम रहीम के काले कारनामे

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम ने लड़कियों के साथ यौन शोषण करने के लिए डेरे के ही अंदर एक खुफिया गुफा बनवा रखी थी। डेरे के अंदर से बाबा राम रहीम अपने मनपंसद की लड़कियों का चयन करने के बाद उन्हें गुफा के अंदर बुलाता था और लड़कियों से देह समर्पित करने के नाम पर उनका यौन शोषण करता था।

डेरे के अंदर लड़कियों के बलात्कार आम हो गया था। अगर कोई लड़की छोटी सी भी गलती करती थी तो उसकी सजा बलात्कार होती थी। बाबा राम रहीम अपने डेरे में लोगों को नपुसंक बनाता था।

राम रहीम के सफेद कारनामे

डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत राम रहीम अपने काले कारनामों और काले चिट्ठों को छिपाने के लिए समाजिक कार्य करना जारी रखता था। ताकि उसके काले कारनामे समाज के सामने उजगार न हों। बाबा राम रहीम के राजनीतिक दलों के साथ भी अच्छे संबंध थे।

राम रहीम के सामाजिक कार्य के वजह से डेरा सच्चा सौदा से अधिक संख्या में सिख दलित जुड़ते चले गए और समाज में फैली असमानता, जात-पात से हाशिए पर आगे बढ़ते गए।

बाबा ने डेरे के अंदर ही अस्पताल भी बना रखा था। इस अस्पताल में लोगों का फ्री इलाज किया जाता था। साथ ही स्वच्छता और रक्तदान जैसे कार्य भी डेरे के अंदर होते थे। बाबा ने नशामुक्ति कार्यक्रम भी चलाए। सिरसा में जिन महिलाओं के पति शराबी थे उन महिलाओं का ध्यान डेरे की तरफ आकर्षित हुआ।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि राम रहीम इस समय दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।

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