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राजस्थानी होली के रंग में रंगे विदेश महमान, जमकर उठाया लुत्फ

घूमर, घीन्दड़ और कालबेलिया नृत्य की जुगलबंदी ने राजधानी दिल्ली को राजस्थानी रंगों से सरोबार कर दिया। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ देशी और विदेशी मेहमानों ने राजस्थानी वेशभूषा में बढ़चढ़ हिस्सा लेते हुए अनेकता में एकता का संदेश दिया।

राजस्थानी होली के रंग में रंगे विदेश महमान, जमकर उठाया लुत्फ

घूमर, घीन्दड़ और कालबेलिया नृत्य की जुगलबंदी ने राजधानी दिल्ली को राजस्थानी रंगों से सरोबार कर दिया। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ देशी और विदेशी मेहमानों ने राजस्थानी वेशभूषा में बढ़चढ़ हिस्सा लेते हुए अनेकता में एकता का संदेश दिया। शनिवार रात को ओसवाल समाज और विकास मंच (गांधीनगर) के संयुक्त तत्वावधान से कड़कड़डूमा स्थित सीबीडी ग्राउंड में होली मंगल मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कुछ ऐसे ही बेहतरीन नजारे देखने को मिले।

समारोह में विशेष अतिथि के रूप में बॉलीवुड अभिनेता चंकी पांडे पहुंचे। उन्होंने राजस्थानी अंदाज में साफा (पगड़ी) पहनकर सभी को 'खम्मा-घणी' से अभिवादन करते हुए होली की मुबारकवाद दी। होली के मौके पर मस्ती भरे अंदाज में नजर आए चंकी ने अपनी फिल्मों के कई डायलॉग भी सुनाए। उन्होंने कहा कि मैंने कभी राजस्थानी होली नहीं खेली, लेकिन आज इस समारोह के माध्यम से मैंने राजस्थानी कल्चर को बेहद करीब से देख लिया।

इस मौके पर राजस्थान से आए कलाकारों ने 'म्हारी घूमर छे नखराली ऐ राज...कालियों कूद पड़यो मेले में' जैसे प्रसिद्ध लोकगीतों पर एक से बढ़कर एक बेहतरीन प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर चंग की थाप पर फाग नृत्य भी पेश किया गया। समारोह में शामिल होने के लिए पूरे एनसीआर से लोग राजस्थानी वेशभूषा में पहुंचे। इसमें समुदाय के लोगों के लिए राजस्थानी 'घीन्दड़' नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा, इसमें फ्रांस से आए कई विदेशी मेहमानों ने भी नृत्य किया। घीन्दड़ में सर्वश्रेष्ठ डांस करने वाली महिला और पुरुष को भी पुरस्कृत किया गया।

इससे पूर्व समारोह में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल, विधायक ओमप्रकाश शर्मा, विधायक एसके बग्गा, विधायक अनिल समेत कई निगम पार्षदों पार्षद पहुंचें जिन्हें ओसवाल समाज व विकास मंच के अध्यक्ष बाबूलाल दुगड़, ओमप्रकाश सुराणा (नागर) ने सम्मानित किया। समारोह के संयोजक पवन बरड़िया व हनुमान बोथरा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमने चंदन और गुलाल से 'तिलक होली' का विशेष इंतजाम किया जिसे आए हुए सभी लोगों ने सराहा।

देश की संस्कृति को सहेजने के लिए प्रतिवर्ष ऐसे समारोह का मिलजुलकर आयोजन किया जाता है। इस मौके पर देशसेवा में शहीद हुए जवानों को भी नमन किया गया।

यह होता है घीन्दड़ नृत्य-

विकास मंच गांधीनगर के मंत्री सम्पत बोथरा ने बताया कि होली के पर्व पर राजस्थानी वेशभूषा में पारंपरिक राजस्थानी गीतों की धुन पर कदमताल से डांडियानूमा नृत्य किया जाता है जिसे स्थानीय भाषा में घीन्दड़ कहा जाता है। यह राजस्थान के शेखावाटी और बीकानेर जिले में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। जहां होली के दौरान पूरी रात घीन्दड़ किया जाता है।
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