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महंगा हुआ रेल का सफर, देना होगा इतना किराया

दूरंतो, राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस गाडियों में प्रथम श्रेणी फ्लैक्सी किराया प्रणाली लागू नहीं होगा

महंगा हुआ रेल का सफर, देना होगा इतना किराया
नई दिल्ली. रेल किराया बढ़ाने का तरीका बड़ा घुमावदार है। सरकार ने क्या चतुर तरकीब लगाई। कोई आसानी से समझ नहीं पाएगा कि आम जनता के लिए रेल का सफर कितना महंगा हो गया। जो कहेगा उसे जवाब दे दिया जाएगा कि पहले आकर टिकट खरीद लेते। शुरू के सिर्फ दस फीसदी मुसाफिरों को रेल के टिकट पुराने रेट पर मिलेंगे। उसके बाद के 90 फीसदी यात्रियों को औसतन 25 फीसदी ज्यादा किराया देना पड़ेगा। अचानक मुनाफे के लालच में फंसती दिख रही रेल व्यवस्था पर वाकई सोचने के दिन आ गए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दूरंतो, राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस गाडिय़ों में वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में फ्लैक्सी किराया प्रणाली लागू नहीं होगी। इन गाडिय़ों में द्वितीय श्रेणी कुर्सीयान, स्लीपर, एसी थ्री, एसी टू और चेयरकार श्रेणियों में ही यह प्रणाली लागू की जायेगी। परिपत्र के अनुसार विमान किरायों की तर्ज पर बुकिंग आरंभ होने पर पहली दस प्रतिशत सीटें मूल किराये पर बुक होंगी। इसके आगे सीटों की बुकिंग दस-दस प्रतिशत बढऩे पर दस-दस फीसदी किराया भी बढ़ाने का प्रावधान है। उदाहरण के लिए अगर किसी ट्रेन में सौ सीटें हैं तो पहली दस सीटें मूल किराये पर आरक्षित की जायेंगी।
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ग्यारहवीं सीट से 20वीं सीट तक 110 प्रतिशत किराया लिया जाएगा। इक्कीसवीं से 30 वीं सीट तक 120 प्रतिशत किराया लिया जायेगा। 31वीं सीट से 40वीं सीट तक 130 प्रतिशत तथा 41वीं सीट से 50वीं सीट तक 140 प्रतिशत किराया होगा। जबकि 51वीं सीट और उसके आगे सभी सीटों पर 150 प्रतिशत किराया देना होगा।
हालांकि एसी थ्री में 41वीं सीट से आगे सभी सीटों पर 140 प्रतिशत किराया ही देना होगा। इस श्रेणी के लिये 150 प्रतिशत किराया नहीं लिया जायेगा। रेलवे के इस निर्णय की मध्यम वर्ग ने तीखी आलोचना की है। उनका कहना है कि सेवा के अनुपात से किराया वृद्धि बहुत ज्य़ादा है। इससे कई स्थानों पर दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा जैसे मार्गों पर राजधानी /दूरंतो गाडिय़ों में एसी टू का अंतिम किराया लो कॉस्ट एयरलाइन के किराये के बराबर या कुछ ज्य़ादा हो सकता है।

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