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मैं शिव का भक्त हूं, सच्चाई में विश्वास करता हूं: राहुल गांधी

उत्तरी गुजरात में ही पाटीदार आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव देखा गया था।

मैं शिव का भक्त हूं, सच्चाई में विश्वास करता हूं: राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को गुजरात के पाटन पहुंचे और यहां मीडिया के सवालों का जवाब भी दिया।

मंदिर जा रहे राहुल ने बीजेपी की ओर से उठ रहे सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं शिव का भक्त हूं, सच्चाई में विश्वास करता हूं, बीजेपी कुछ भी बोले में अपनी सच्चाई में विश्वास करता हूं। इससे पहले राहुल ने मेहसाणा के पास बहुचरा जी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की।

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पाटन पहुंचकर राहुल मीडिया से मुखातिब हुए। राहुल ने यह बयान उनके मंदिर जाने पर उठ रहे सवालों के संदर्भ में दिया। राहुल इससे पहले गुजरात में कई मंदिरों में जाकर पूजा और दर्शन कर चुके हैं।

बीजेपी का राहुल पर निशाना

इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भूपेंद्र यादव ने कहा, 'कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी मंदिरों में जा रहे हैं और पूजा कर रहे हैं, यह संस्कृति का हिस्सा है और अच्छा भी है। हालांकि यह प्रवृत्ति अपने आप आती है और यह सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं रहना चाहिए।'

राहुल का 3 दिवसीय दौरा

11 नवंबर को राहुल गांधी ने गुजरात का अपना तीन दिवसीय दौरा शुरू किया था। इस बार कांग्रेस नेता की नजर उत्तरी गुजरात पर है। यह इलाका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का गढ़ माना जाता है।

हालांकि उत्तरी गुजरात में कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव (2012) में शानदार प्रदर्शन किया था। यहां कांग्रेस ने 32 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

पाटीदार आंदोलन का प्रभाव

उत्तरी गुजरात में ही पाटीदार आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव देखा गया था। 2015 में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी की यहां करारी शिकस्त हुई थी।

ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि ठाकोर सेना और ओएससी एकता मंच के संस्थापक अल्पेश ठाकोर के साथ हाथ मिलाने से उसे जरूर फायदा होगा। ठाकोर समुदाय का उत्तरी गुजरात में गहरा प्रभाव है।

कई मंदिरों में की पूजा-अर्चना

इससे पहले सितंबर में भी राहुल ने गुजरात का तीन दिवसीय दौरा किया था। राहुल ने सौराष्ट्र के मशहूर द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करके अपनी नवसृजन यात्रा की शुरुआत की थी। यात्रा के तीसरे दिन राहुल करीब 1000 सीढ़ियां चढ़कर चोटीला में पहाड़ी पर स्थित मां चामुंडा के दर्शन के लिए पहुंचे थे।

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