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कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए राहुल गांधी को इस चुनाव प्रक्रिया से गुजरना होगा, ऐसे संभालेंगे कमान

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि राहुल गांधी आंतरिक चुनाव प्रक्रिया के जरिये पार्टी अध्यक्ष के रुप में चुने जाएंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए राहुल गांधी को इस चुनाव प्रक्रिया से गुजरना होगा, ऐसे संभालेंगे कमान

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने को लेकर ताजपोशी की प्रक्रिया के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के दौरान राहुल के आंतरिक चुनाव प्रक्रिया के गुजरना होगा।

बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष के नाम और साथ ही उसकी ताजपोशी की तारीख भी तय कर दी जाएगी। इससे पहले भी पार्टी में कई बार राहुल के अध्यक्ष बनने को लेकर मांग उठ चुकी है।

ये होगी राहुल के ताजपोशी की तारीख

सीनियर कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि अगर प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए केवल एक नॉमिनेशन फाइल हुआ तो नॉमिनेशन वापस लेने की तारीख को ही प्रेसिडेंट के लिए चुने गए शख्स के नाम का एलान कर दिया जाएगा।

क्या है कांग्रेस वर्किंग कमेटी

कांग्रेस वर्किंग कमेटी पार्टी की सबसे ताकतवर बॉडी है। राहुल ने सोनिया की गैर-मौजूदगी में पहली बार 6 नवंबर को पार्टी की अध्यक्षता की थी। बीमार होने की वजह से सोनिया मीटिंग में नहीं पहुंचीं। बताया गया कि सोनिया का जाना तय था। घर के बाहर गाड़ी भी खड़ी थी। पर दिल्ली में स्मॉग को देखते हुए उन्होंने आखिरी वक्त में फैसला टाल दिया।

आंतरिक चुनाव प्रक्रिया

वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि राहुल गांधी आंतरिक चुनाव प्रक्रिया के जरिये पार्टी अध्यक्ष के रुप में चुने जाएंगे। मोइली ने संकेत दिए कि राहुल अगले महीने पार्टी अध्यक्ष का पद संभाल सकते हैं।

हाल ही में राहुल गांधी ने कहा था कि यदि पार्टी कहे तो वह 'कार्यकारी जिम्मेदारी' लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। साथ ही वो आंतरिक चुनाव प्रक्रिया के जरिए ही पार्टी की कमान संभालेंगे।

बता दें कि राहुल की ताजपोशी के पीछे 2018 में होने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 के आम चुनाव के लिए नाम आगे किया गया है।

ये है राहुल का राजनीतिक सफर

साल 2004 में अमेठी से लोकसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक कॅरियर की शुरूआत करने वाले राहुल गांधी ने 2007 में बतौर कांग्रेस महासचिव संगठन में जिम्मेदारी संभाली थी।

यूपीए की 10 साल की सत्ता के दौरान उन्हें कई बार मनमोहन सिंह ने अपनी कैबिनेट में शामिल करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन राहुल ने इसके लिए कई बार मना किया।

वहीं 2012 में तो कांग्रेस के एक वर्ग ने उन्हें मनमोहन की जगह पीएम बनाने की मांग तक कर डाली। जयपुर में जनवरी 2013 में राहुल को औपचारिक रुप से सोनिया गांधी का उत्तराधिकारी बनाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाया गया।

वहीं अब साल 2017 के अंत में राहुल गांधी सोनिया गांधी के बाद कांग्रेस की कमान समंभालने जा रहे हैं। इसको लेकर कई सालों से मांग उठ रही थी। कई वरिष्ठ नेता इसकी वकालत भी कर चुके हैं।

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