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कम ब्याज दरों पर राजन ने दुनिया को किया आगाह

राजन की अर्थव्यवस्था को लेकर समझ काफी उच्च कोटि की मानी जाती है।

कम ब्याज दरों पर राजन ने दुनिया को किया आगाह
नई दिल्ली. साल 2008 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई मंदी से 3 साल पहले ही चेतावनी देने वाले रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक बार फिर दुनिया को चेताया है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के देशों में कम ब्याज दरों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है।

राजन ने कहा, 'यूरोप और यूएस सहित पूरी दुनिया भर के देशों ने ग्रोथ बढ़ाने के लिए ब्याज दरों को कम रखा है, लेकिन इससे वे एक तरह के 'जाल' में फंसते जा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि हमें बेहतर समाधान ढूंढने के लिए नए नियम की जरूरत है। राजन ने कहा, 'मुझे लगता है कि केंद्रीय बैंक की पहलों के लिहाज से क्या स्वीकृत है, इस संबंध में वैश्विक नियमों पर बहस शुरू करने का समय आ गया है। मैं कोई अंदाजा नहीं लगाना चाहता कि खेल के नए नियम हम कैसे तय करेंगे। इस पर विस्तृत अनुसंधान और पहल के बाद आने वाले समय अंतर्राष्ट्रीय चर्चा करने और अंतर्राष्ट्रीय सहमति बनाने की जरूरत है।'

राजन की अर्थव्यवस्था को लेकर समझ काफी उच्च कोटि की मानी जाती है। राजन ने उम्मीद जताई कि देश में बैंकों की 'साफ-सफाई' का काम जल्द ही पूरा होगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसे दायरे में प्रवेश कर रहे हैं जहां हम बिना किसी आधार के वृद्धि पैदा कर रहे हैं और वृद्धि के सृजन के बजाय एक जगह से दूसरी जगह वृद्धि को खिसका रहे हैं। उन्होंने कहा, 'निश्चित तौर पर महामंदी के दौर में इसका इतिहास रहा है जबकि हम प्रतिस्पर्धी अवमूल्य कर रहे थे।'

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, राजन पूंजी प्रवाह पर विभिन्न देशों के मिल कर काम करने की जरूरत पर भी बल देते रहे हैं। उन्होंने कहा था, 'हमें अपनी पहलों के असर के प्रति और सतर्क होना है और जो नियम हमारे पास हैं, उस पर पुनर्विचार की जरूरत है।'
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